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Kanpur News: कक्षाओं में अनुपस्थित रहे छात्रों के साथ होगी गांधीगीरी
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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) प्रशासन कक्षाओं में अनुपस्थित रहने वाले छात्राें के साथ गांधीगीरी करेगा। उन्हें अतिरिक्त प्रोजेक्ट वर्क देकर सुधारने की कोशिश की जाएगी। यह व्यवस्था सबसे पहले कम उपस्थिति की वजह से मिड सेमेस्टर की परीक्षा में नहीं बैठ सके छात्र-छात्राओं के लिए होगी। उन्हें बेहतर प्रोजेक्ट वर्क पर मिड सेमेस्टर में नंबर भी देने की तैयारी है।
विश्वविद्यालय की परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति का मानक है। इस बार करीब 1200 छात्र ऐसे पाए गए, जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम थी। निर्धारित मानक पूरा नहीं होने के कारण इन छात्रों को मिड सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।
परीक्षा से वंचित होने के बाद छात्रों के भविष्य और उनके मूल्यांकन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया। इन छात्रों को अतिरिक्त शैक्षणिक कार्य (प्रोजेक्ट वर्क) देने का निर्णय हुआ। छात्रों को निर्धारित समय में प्रोजेक्ट पूरा कर जमा करना होगा। इसके मूल्यांकन के आधार पर उनके मिड सेमेस्टर के अंक निर्धारित किए जाएंगे।
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मीडिया प्रभारी डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहा परीक्षा में वंचित छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क दिया जाएगा। कुछ विभाग अलग तरह के प्रयोग करेंगे। छात्रों को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि भविष्य में निर्धारित उपस्थिति मानक का पालन करें और नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हों।
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विश्वविद्यालय की परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति का मानक है। इस बार करीब 1200 छात्र ऐसे पाए गए, जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम थी। निर्धारित मानक पूरा नहीं होने के कारण इन छात्रों को मिड सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।
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परीक्षा से वंचित होने के बाद छात्रों के भविष्य और उनके मूल्यांकन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया। इन छात्रों को अतिरिक्त शैक्षणिक कार्य (प्रोजेक्ट वर्क) देने का निर्णय हुआ। छात्रों को निर्धारित समय में प्रोजेक्ट पूरा कर जमा करना होगा। इसके मूल्यांकन के आधार पर उनके मिड सेमेस्टर के अंक निर्धारित किए जाएंगे।
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मीडिया प्रभारी डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहा परीक्षा में वंचित छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क दिया जाएगा। कुछ विभाग अलग तरह के प्रयोग करेंगे। छात्रों को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि भविष्य में निर्धारित उपस्थिति मानक का पालन करें और नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हों।