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Hapur News: गंगा का जलस्तर स्थिर, खादर में अब भी मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
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बुधवार को ब्रजघाट गंगा का जलस्तर रहा स्थिर। संवाद
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में बुधवार को कोई खास बदलाव नहीं हुआ। ब्रजघाट पर गंगा का जलस्तर 198.80 मीटर पर स्थिर रहा। जलस्तर स्थिर होने के बावजूद खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। गंगा के उफान के कारण निचले इलाकों, जंगल और खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है। पानी लंबे समय से जमा होने के कारण फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
गांव चक लठीरा में बुधवार को भी स्कूली बच्चे समेत सैकड़ों लोग नाव में सवार होकर पुलिया को पार कर गांवों में पहुंचते नजर आए। गांव के रास्ते पर दो से तीन फीट तक पानी देखने को मिल रहा है। खादर क्षेत्र के गांव कुदैनी की मढैया, चक लठीरा और काकाठेर की मढैया में ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई खेतों में पानी भरा होने के कारण किसान फसलों को लेकर चिंतित हैं।
वहीं, निचले जंगल में भी अभी तक पानी जमा है। इससे पशुओं के चारे और उनके स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण गोविंद कुमार का कहना है कि जलभराव के कारण पशुओं में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर पशुओं की जांच और दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने बताया कि समय रहते स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची तो समस्या और बढ़ सकती है। बुधवार को एसडीएम श्रीराम यादव ने खादर क्षेत्र का निरीक्षण कर जलभराव और ग्रामीणों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और जलस्तर पर लगातार नजर रखने की बात कही।
एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि गंगा का जलस्तर फिलहाल स्थिर है। खादर क्षेत्र में प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है। जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
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गांव चक लठीरा में बुधवार को भी स्कूली बच्चे समेत सैकड़ों लोग नाव में सवार होकर पुलिया को पार कर गांवों में पहुंचते नजर आए। गांव के रास्ते पर दो से तीन फीट तक पानी देखने को मिल रहा है। खादर क्षेत्र के गांव कुदैनी की मढैया, चक लठीरा और काकाठेर की मढैया में ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई खेतों में पानी भरा होने के कारण किसान फसलों को लेकर चिंतित हैं।
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वहीं, निचले जंगल में भी अभी तक पानी जमा है। इससे पशुओं के चारे और उनके स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण गोविंद कुमार का कहना है कि जलभराव के कारण पशुओं में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर पशुओं की जांच और दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने बताया कि समय रहते स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची तो समस्या और बढ़ सकती है। बुधवार को एसडीएम श्रीराम यादव ने खादर क्षेत्र का निरीक्षण कर जलभराव और ग्रामीणों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और जलस्तर पर लगातार नजर रखने की बात कही।
एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि गंगा का जलस्तर फिलहाल स्थिर है। खादर क्षेत्र में प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है। जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।