{"_id":"6ac939c8b9adae37860b76e5","slug":"hundreds-of-farmers-gathered-for-fertilizer-created-a-ruckus-hamirpur-news-c-223-1-sknp1030-146172-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: खाद के लिए जुटे सैकड़ों किसानों ने काटा हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: खाद के लिए जुटे सैकड़ों किसानों ने काटा हंगामा
विज्ञापन
फोटो 09 एचएएमपी 33- बिवांर सहकारी समिति में खाद के लिए जुटे किसान। संवाद
- 500 बोरी आई डीएपी, 498 किसानों की सूची चस्पा, कई लौटे बैरंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिवांर (हमीरपुर)। रबी फसलों की बुआई के लिए डीएपी खाद की मारामारी मची है। किसान सहकारी समितियों के चक्कर काटकर मायूस हो वापस लौट रहे हैं। शुक्रवार को कस्बा स्थिति सहकारी समिति में खाद आने की खबर मिलते ही करीब 300-400 किसान पहुंच गए और हंगामा काटने लगे, लेकिन खाद न मिलने पर किसानों ने जमकर हंगामा काटा। वहीं बाद में मायूस होकर लौटना पड़ा।
समिति के सचिव नरेंद्र कुमार ने बताया कि मात्र 500 बोरी खाद आई है। इसमें 498 किसानों की सूची बनी हुई है। ऐसे में सभी को खाद दे पाना मुश्किल है। एक-दो दिन में और खाद आनी है, तब सभी बांटी जाएगी। किसानों की लिमिट के हिसाब से खाद बांटी जाएगी। अधिक लिमिट वाले किसानों को एक बार में अधिकतम 6 बोरी और न्यूनतम 2 बोरी खाद ही दी जाएगी।
-- -- -- -- -- --
पता नहीं खाद कब तक मिलेगी
उसे मात्र दो बोरी डीएपी चाहिए थी, लेकिन किसानों की इतनी भीड़ थी कि किसी को खाद नहीं दी गई। पासबुक जमा करवा ली गई है, पता नहीं खाद कब तक मिलेगी। - मैयादीन, बिवांर।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
खाद की नहीं हुई उपलब्धता तो सड़कों पर उतरेगी यूनियन
रबी सीजन आते ही हार साल खाद की परेशानी बढ़ जाती है और किसानों को पर्याप्त खाद भी नहीं मिल पाती। सरकार किसानों की समस्याओं में कोई दिलचस्पी नहीं लेती है। किसानों को जल्द खाद उपलब्ध नहीं होती तो यूनियन सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। - महेश तिवारी, नेता भाकियू।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिवांर (हमीरपुर)। रबी फसलों की बुआई के लिए डीएपी खाद की मारामारी मची है। किसान सहकारी समितियों के चक्कर काटकर मायूस हो वापस लौट रहे हैं। शुक्रवार को कस्बा स्थिति सहकारी समिति में खाद आने की खबर मिलते ही करीब 300-400 किसान पहुंच गए और हंगामा काटने लगे, लेकिन खाद न मिलने पर किसानों ने जमकर हंगामा काटा। वहीं बाद में मायूस होकर लौटना पड़ा।
समिति के सचिव नरेंद्र कुमार ने बताया कि मात्र 500 बोरी खाद आई है। इसमें 498 किसानों की सूची बनी हुई है। ऐसे में सभी को खाद दे पाना मुश्किल है। एक-दो दिन में और खाद आनी है, तब सभी बांटी जाएगी। किसानों की लिमिट के हिसाब से खाद बांटी जाएगी। अधिक लिमिट वाले किसानों को एक बार में अधिकतम 6 बोरी और न्यूनतम 2 बोरी खाद ही दी जाएगी।
विज्ञापन
पता नहीं खाद कब तक मिलेगी
उसे मात्र दो बोरी डीएपी चाहिए थी, लेकिन किसानों की इतनी भीड़ थी कि किसी को खाद नहीं दी गई। पासबुक जमा करवा ली गई है, पता नहीं खाद कब तक मिलेगी। - मैयादीन, बिवांर।
विज्ञापन
खाद की नहीं हुई उपलब्धता तो सड़कों पर उतरेगी यूनियन
रबी सीजन आते ही हार साल खाद की परेशानी बढ़ जाती है और किसानों को पर्याप्त खाद भी नहीं मिल पाती। सरकार किसानों की समस्याओं में कोई दिलचस्पी नहीं लेती है। किसानों को जल्द खाद उपलब्ध नहीं होती तो यूनियन सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। - महेश तिवारी, नेता भाकियू।

फोटो 09 एचएएमपी 33- बिवांर सहकारी समिति में खाद के लिए जुटे किसान। संवाद

फोटो 09 एचएएमपी 33- बिवांर सहकारी समिति में खाद के लिए जुटे किसान। संवाद