फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Ramganga swells along with the Ganga; youth dies.

Farrukhabad News: गंगा के साथ रामगंगा भी उफनाईं, युवक की मौत

Mon, 07 Sep 2026 12:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
Ramganga swells along with the Ganga; youth dies.
फर्रुखाबाद-अमृतपुर। बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण इस सीजन में पहली बार रामगंगा चेतावनी बिंदु तक पहुंच गई है। रामगंगा नदी का पानी खेतों में भरने से तिल, बाजरा, धान, उड़द और मूंग की फसलें जलमग्न होकर खराब होने लगी हैं। वहीं गंगा का जलस्तर भी खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे है। उधर, राजेपुर थाना क्षेत्र के भरखा में सड़क पार करते समय गहरे कटान में समाने से एक युवक की मौत हो गई।
विज्ञापन

रविवार को रामगंगा का जलस्तर 136.60 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु है। एक दिन में जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खो-हरेली रामनगर बैराज से रामगंगा में 26,606 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदी किनारे के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है। हीरानगर, गुडेरा, भावन, गैहलार, अमैयापुर, खाखिन, गंगागंज, कोलासोता, खरगपुर और राई समेत कई गांवों में फसलें पानी में डूब गई हैं।
विज्ञापन


गांवों से निकलना मुश्किल
गंगा का जलस्तर भी 136.95 मीटर से बढ़कर 137.00 मीटर पहुंच गया है। खतरे का निशान 137.10 मीटर है। नरौरा बांध से गंगा में 96,219 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग स्थित चित्रकूट डिप पर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा है। बाइक और छोटे वाहनों को यहां से निकलने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक लगातार बारिश से रास्ते दलदल में तब्दील हो गए हैं, जिससे गांवों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


घरों में रखा राशन खत्म, अब खाने-पीने का संकट
गंगा में दोबारा उफान आने से पहले से बाढ़ प्रभावित गांवों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है। तीसराम की मड़ैया, मंझा, आशा की मड़ैया और करनपुर घाट समेत कई गांवों में घरों में रखा राशन खत्म होने लगा है। ग्रामीणों के सामने अब खाने-पीने का संकट है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि नीचे खेत और रास्ते पानी में डूबे हैं और ऊपर से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में न तो खेतों में जाकर फसल बचाने की स्थिति है और न ही गांव से बाहर निकलकर जरूरत का सामान लाने की। ग्रामीणों के सामने फसल बर्बादी के साथ रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की चुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed