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Farrukhabad News: बिना पंजीकरण, डॉक्टर के संचालन पर एक निजी अस्पताल व ओपीडी सील
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फर्रुखाबाद। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में शहर के तीन निजी अस्पतालों में छापा मारा गया। जांच के दौरान कई अस्पताल बिना पंजीकरण और बिना डॉक्टर के संचालित पाए गए। आग बुझाने के इंतजाम भी नहीं थे, जिस पर अधिकारियों ने कार्रवाई की। एक निजी अस्पताल को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि दूसरे की ओपीडी सील की गई। तीसरे अस्पताल को अग्निशमन विभाग ने नोटिस जारी किया है।
सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार, डिप्टी सीएमओ डॉ. आरसी माथुर और अग्निशमन अधिकारी प्रांशु अवस्थी इस टीम में शामिल थे। टीम ने नेकपुर स्थित फीनिक्स हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। वहां ओपीडी में फार्मासिस्ट मरीज देखते मिला, जबकि सूची में डॉक्टर के नाम थे। स्टाफ डॉक्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाया। अस्पताल में बेसमेंट था और आग बुझाने के इंतजाम भी नहीं थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने फीनिक्स हॉस्पिटल का ओपीडी चेंबर सील कराया। उन्होंने अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति भी की है।
इसके बाद टीम मसेनी स्थित अनभि हॉस्पिटल पहुंची। वहां अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला और पांच मरीज भर्ती थे। मरीजों का इलाज बिना डॉक्टर के ही किया जा रहा था। आग बुझाने के इंतजाम न होने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल सील किया। बताया गया कि पंजीकरण के कागज सीएमओ कार्यालय में जमा हैं, पर मानक अधूरे थे। मानक अधूरे होने पर भी यह अस्पताल हर माह निर्धारित रकम लेकर चल रहा था।
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अधिकारियों ने विनायक हॉस्पिटल की भी जांच की। यहां डॉक्टर मौजूद थे और अस्पताल का पंजीकरण भी था। परंतु आग बुझाने के इंतजाम नहीं मिले। अग्निशमन अधिकारी ने संचालक को नोटिस जारी कर मानक पूरे करने के निर्देश दिए। जांच में डॉ. वशिष्ठ कटियार और लिपिक संजय दीक्षित भी शामिल थे। सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि पंजीकरण न होने पर एक अस्पताल सील किया गया है। डॉक्टर न मिलने पर एक अस्पताल की ओपीडी सील कर पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की गई है। तीसरे अस्पताल के संचालक को अग्निशमन अधिकारी ने नोटिस जारी किया है।
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सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार, डिप्टी सीएमओ डॉ. आरसी माथुर और अग्निशमन अधिकारी प्रांशु अवस्थी इस टीम में शामिल थे। टीम ने नेकपुर स्थित फीनिक्स हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। वहां ओपीडी में फार्मासिस्ट मरीज देखते मिला, जबकि सूची में डॉक्टर के नाम थे। स्टाफ डॉक्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाया। अस्पताल में बेसमेंट था और आग बुझाने के इंतजाम भी नहीं थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने फीनिक्स हॉस्पिटल का ओपीडी चेंबर सील कराया। उन्होंने अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति भी की है।
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इसके बाद टीम मसेनी स्थित अनभि हॉस्पिटल पहुंची। वहां अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला और पांच मरीज भर्ती थे। मरीजों का इलाज बिना डॉक्टर के ही किया जा रहा था। आग बुझाने के इंतजाम न होने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल सील किया। बताया गया कि पंजीकरण के कागज सीएमओ कार्यालय में जमा हैं, पर मानक अधूरे थे। मानक अधूरे होने पर भी यह अस्पताल हर माह निर्धारित रकम लेकर चल रहा था।
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अधिकारियों ने विनायक हॉस्पिटल की भी जांच की। यहां डॉक्टर मौजूद थे और अस्पताल का पंजीकरण भी था। परंतु आग बुझाने के इंतजाम नहीं मिले। अग्निशमन अधिकारी ने संचालक को नोटिस जारी कर मानक पूरे करने के निर्देश दिए। जांच में डॉ. वशिष्ठ कटियार और लिपिक संजय दीक्षित भी शामिल थे। सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि पंजीकरण न होने पर एक अस्पताल सील किया गया है। डॉक्टर न मिलने पर एक अस्पताल की ओपीडी सील कर पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की गई है। तीसरे अस्पताल के संचालक को अग्निशमन अधिकारी ने नोटिस जारी किया है।