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Chandauli News: वर्षों से बदहाल संपर्क मार्ग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क निर्माण की मांग
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बबुरी थाना क्षेत्र के हड़िरका गांव में वर्षों से जर्जर पड़े संपर्क मार्ग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर सड़क निर्माण की मांग की। उनका कहना है कि गांव तक पहुंचने के लिए रोजाना जान जोखिम में डालनी पड़ती है। बरसात में सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। इस समस्या से करीब 300 ग्रामीण प्रभावित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव का संपर्क मार्ग कई वर्षों से बदहाल है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण बरसात में सड़क तालाब का रूप ले लेती है। ऐसे में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कई लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत या निर्माण नहीं कराया गया।
ग्रामीण रोशन ने बताया कि गांव में न तो अच्छी सड़क है और न ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था। बरसात के दौरान यदि कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाए तो उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। एंबुलेंस और अन्य चारपहिया वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में मरीजों को मोटरसाइकिल या चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क का सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं को रोजाना कीचड़ और जलभराव के बीच होकर स्कूल जाना पड़ता है। वहीं शादी-विवाह जैसे आयोजनों में भी भारी परेशानी होती है।
ग्रामीण निशा ने बताया कि बारात और मेहमानों को आधे रास्ते में वाहन छोड़कर पैदल या मोटरसाइकिल से गांव तक पहुंचना पड़ता है, क्योंकि चारपहिया वाहन गांव में प्रवेश नहीं कर पाते। ग्रामीण बूढ़े ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने ग्राम पंचायत पर भी समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया। संवाद
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ग्रामीणों के अनुसार, गांव का संपर्क मार्ग कई वर्षों से बदहाल है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण बरसात में सड़क तालाब का रूप ले लेती है। ऐसे में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कई लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत या निर्माण नहीं कराया गया।
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ग्रामीण रोशन ने बताया कि गांव में न तो अच्छी सड़क है और न ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था। बरसात के दौरान यदि कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाए तो उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। एंबुलेंस और अन्य चारपहिया वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में मरीजों को मोटरसाइकिल या चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क का सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं को रोजाना कीचड़ और जलभराव के बीच होकर स्कूल जाना पड़ता है। वहीं शादी-विवाह जैसे आयोजनों में भी भारी परेशानी होती है।
ग्रामीण निशा ने बताया कि बारात और मेहमानों को आधे रास्ते में वाहन छोड़कर पैदल या मोटरसाइकिल से गांव तक पहुंचना पड़ता है, क्योंकि चारपहिया वाहन गांव में प्रवेश नहीं कर पाते। ग्रामीण बूढ़े ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने ग्राम पंचायत पर भी समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया। संवाद