चंदौली: विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियां तेज, कड़ी सुरक्षा में ईवीएम की एफएलसी शुरू; डीएम ने किया निरीक्षण
विधानसभा निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत चंदौली में ईवीएम और वीवीपैट की एफएलसी शुरू हो गई है। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने वेयरहाउस का निरीक्षण कर 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी, त्रिस्तरीय सुरक्षा और प्रवेश पास से संबंधित निर्देश दिए।
विस्तार
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) शुरू हो गई है। 12 अक्टूबर से शुरू हुई इस प्रक्रिया में तकनीकी टीम मशीनों की जांच कर रही है। मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने वेयरहाउस का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और जांच की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
24 घंटे सीसीटीवी से होगी निगरानी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की। उन्होंने निर्देश दिया कि परिसर में लगे कैमरों से 24 घंटे लगातार रिकॉर्डिंग सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने वेयरहाउस परिसर की साफ-सफाई, अग्निशमन यंत्रों की क्रियाशीलता और बैरिकेडिंग की स्थिति भी देखी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार ही अधिकारियों और कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश दिया जाए। वैध प्रवेश पास के बिना किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
तकनीकी टीम कर रही ईवीएम और वीवीपैट की जांच
जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार एफएलसी की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। इसके तहत विशेष इंजीनियरिंग टीम ईवीएम और वीवीपैट की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के दौरान मशीनों की कार्यप्रणाली को निर्धारित मानकों के अनुरूप परखा जाएगा।
राजनीतिक दलों की मौजूदगी में होगी सीलिंग और मॉक पोल
एफएलसी पूरी होने के बाद मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों की सीलिंग और मॉक पोल कराया जाएगा। इस संबंध में संबंधित राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों और सचिवों को पहले ही सूचना दी जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्वाचन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएं। साथ ही वेयरहाउस की सुरक्षा, निगरानी और अन्य व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।