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Bulandshahar News: चेक बाउंस मामले में दोषी को छह माह की कैद, आठ लाख रुपये का जुर्माना
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बुलंदशहर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायकक्ष संख्या-प्रथम अनुपम सिंह-द्वितीय की अदालत ने छह लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी किरनपाल सिंह को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास और आठ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की पूरी आठ लाख रुपये की धनराशि परिवादी को प्रतिकर के तौर पर दी जाए।
परिवाद के अनुसार, थाना सलेमपुर क्षेत्र के गांव जटपुरा निवासी सुरेशपाल सिंह और आरोपी किरनपाल सिंह एक ही गांव के रहने वाले थे और दोनों के बीच जान-पहचान थी। आरोपी ने परिवादी सुरेशपाल को जमीन दिलाने का झांसा देकर छह लाख रुपये लिए थे। हालांकि, तय समय पर न तो जमीन दिलाई गई और न ही रकम वापस की गई। परिवादी के लगातार तगादा करने पर आरोपी ने 17 अक्तूबर 2023 को पंजाब नेशनल बैंक, शाखा जटपुरा मुकीमपुर का छह लाख रुपये का चेक जारी किया।
सुरेशपाल ने जब उक्त चेक को भुगतान के लिए अपने बैंक खाते में जमा किया तो 26 अक्तूबर 2023 को बैंक ने खाते में पर्याप्त धनराशि न होने और खाताधारक द्वारा भुगतान रोके जाने की टिप्पणी के साथ चेक बाउंस कर लौटा दिया। भुगतान न मिलने पर परिवादी ने विधिक नोटिस भेजा। इसे आरोपी के परिजनों ने लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय में एनआई एक्ट के तहत परिवाद दाखिल किया।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दावा किया कि वह परिवादी की डेयरी पर काम करता था और चेकबुक के दुरुपयोग की बात कही। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, बैंक वापसी मेमो व गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करने के बाद आरोपी के तर्कों को आधारहीन पाया। न्यायालय ने माना कि आरोपी विधिक दायित्व के खंडन में पूरी तरह विफल रहा है। अदालत ने दोष सिद्ध पाते हुए किरनपाल सिंह को छह माह की कैद व आठ लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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परिवाद के अनुसार, थाना सलेमपुर क्षेत्र के गांव जटपुरा निवासी सुरेशपाल सिंह और आरोपी किरनपाल सिंह एक ही गांव के रहने वाले थे और दोनों के बीच जान-पहचान थी। आरोपी ने परिवादी सुरेशपाल को जमीन दिलाने का झांसा देकर छह लाख रुपये लिए थे। हालांकि, तय समय पर न तो जमीन दिलाई गई और न ही रकम वापस की गई। परिवादी के लगातार तगादा करने पर आरोपी ने 17 अक्तूबर 2023 को पंजाब नेशनल बैंक, शाखा जटपुरा मुकीमपुर का छह लाख रुपये का चेक जारी किया।
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सुरेशपाल ने जब उक्त चेक को भुगतान के लिए अपने बैंक खाते में जमा किया तो 26 अक्तूबर 2023 को बैंक ने खाते में पर्याप्त धनराशि न होने और खाताधारक द्वारा भुगतान रोके जाने की टिप्पणी के साथ चेक बाउंस कर लौटा दिया। भुगतान न मिलने पर परिवादी ने विधिक नोटिस भेजा। इसे आरोपी के परिजनों ने लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय में एनआई एक्ट के तहत परिवाद दाखिल किया।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दावा किया कि वह परिवादी की डेयरी पर काम करता था और चेकबुक के दुरुपयोग की बात कही। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, बैंक वापसी मेमो व गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करने के बाद आरोपी के तर्कों को आधारहीन पाया। न्यायालय ने माना कि आरोपी विधिक दायित्व के खंडन में पूरी तरह विफल रहा है। अदालत ने दोष सिद्ध पाते हुए किरनपाल सिंह को छह माह की कैद व आठ लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है।