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इटली: हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीयों के लिए एडवायजरी, मेलोनी ने जताई नाराजगी, कहा- हिंसा बर्दाश्त नहीं

Mon, 19 Oct 2026 10:32 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रोम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रोम Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 19 Oct 2026 10:32 PM IST
सार

इटली के कई शहरों में प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की घटनाओं के बाद भारतीय दूतावास ने नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पुलिस पर हमलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की निंदा की है। मिलान, ट्यूरिन और बोलोन्या में अव्यवस्था की खबरें सामने आईं। आखिर इन प्रदर्शनों के दौरान हालात इतने बिगड़े क्यों और इटली में रह रहे भारतीयों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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Italy Indian Embassy Issues Advisory Amid Violent Protests, Meloni Condemns Violence and Warns Against Chaos
भारतीयों के लिए एडवायजरी जारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

इटली में पिछले सप्ताह कई शहरों में हुए प्रदर्शनों और हिंसा के बाद भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है। दूतावास ने भारतीयों से सावधानी बरतने, भीड़भाड़ वाली जगहों और प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसक घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि प्रदर्शन करना अधिकार है, लेकिन शहरों में आगजनी करना नहीं। उन्होंने विपक्षी दलों से भी हिंसा की स्पष्ट निंदा करने की अपील की है।

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भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए क्या सलाह जारी की?
इटली में भारतीय दूतावास ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एडवायजरी जारी की। इसमें कहा गया कि पिछले सप्ताह इटली के कुछ शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। ऐसे में भारतीय नागरिक सावधानी बरतें और उन जगहों पर जाने से बचें, जहां प्रदर्शन हो रहे हैं या बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हैं। दूतावास ने स्थानीय समाचारों पर नजर रखने की भी सलाह दी है, ताकि लोग प्रदर्शन और सुरक्षा से जुड़ी स्थिति की जानकारी लेते रहें। यह एडवायजरी ऐसे समय आई है, जब कुछ शहरों में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की घटनाएं सामने आई हैं। 
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किसी भी आपातकालीन स्थिति में, भारतीय नागरिक यहाँ संपर्क कर सकते हैं:

 

  • भारतीय दूतावास, रोम: +39 331 614 2085
  • भारतीय वाणिज्य दूतावास, मिलान: +39 3881647527

मेलोनी ने प्रदर्शनकारियों और हिंसा करने वालों को लेकर क्या कहा?
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार को कहा कि कानून लागू कराने वाली एजेंसियों के कर्मचारियों को ऐसे लोगों की हिंसा का सामना करना पड़ा, जो संगठित समूहों के जरिए प्रदर्शनों का इस्तेमाल टकराव और अराजकता फैलाने के लिए कर रहे थे। उन्होंने पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वे नागरिकों, कामगारों, दुकानदारों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। मेलोनी ने कहा कि लोगों को अपने शहरों में बिना डर के रहने का अधिकार है। उन्होंने हिंसा करने वालों पर शहरों को नुकसान पहुंचाने और आगजनी करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और हिंसक गतिविधियों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाना चाहिए।
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मिलान, ट्यूरिन और बोलोन्या में क्या हुआ था?
मेलोनी ने शनिवार को बताया कि इटली के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटनाएं हुईं। उनके मुताबिक, मिलान में प्रदर्शनकारियों की ओर से सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए, जिसमें कुछ अधिकारी घायल हुए। ट्यूरिन में कुछ लोगों को पत्थर और खिड़कियां तोड़ने वाले हथौड़ों के साथ रोका गया। वहीं, बोलोन्या में अव्यवस्था के कारण रेलवे स्टेशन को एहतियात के तौर पर बंद करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विचार के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना स्वस्थ लोकतंत्र का हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने हिंसा करने वालों के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।

मेलोनी ने विपक्षी दलों से क्या अपील की?
मेलोनी ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की बिना किसी अस्पष्टता के निंदा करें। उन्होंने कहा कि हर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए और हिंसक घटनाओं को किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के मुताबिक, हिंसा के मामलों में चुप्पी या अस्पष्ट बयान ऐसे कृत्यों को बढ़ावा देने का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि विरोध करना अधिकार है, लेकिन शहरों में आग लगाना और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालना स्वीकार नहीं किया जा सकता। मेलोनी ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में भागीदारी जरूरी है, लेकिन इसके साथ सार्वजनिक व्यवस्था और दूसरों की सुरक्षा का सम्मान भी होना चाहिए।


भारतीय नागरिकों को अब किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
भारतीय दूतावास की एडवायजरी के अनुसार, इटली में रह रहे भारतीय नागरिकों को प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहना चाहिए और स्थानीय समाचारों के जरिए स्थिति की जानकारी लेते रहना चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है। उपलब्ध जानकारी में प्रदर्शनों के पीछे के सभी कारणों का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि इन घटनाओं की शुरुआत किस मुद्दे से हुई और अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन किन मांगों को लेकर किए गए। फिलहाल दूतावास ने सावधानी बरतने की सलाह दी है, जबकि प्रधानमंत्री मेलोनी ने शांतिपूर्ण विरोध और हिंसा के बीच अंतर करते हुए हिंसक घटनाओं की निंदा की है।
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