{"_id":"6aa6fc095111374c590d94b3","slug":"search-for-murder-suspects-spans-ayodhya-to-lucknow-they-have-fled-with-their-mobile-phones-switched-off-basti-news-c-207-1-bst1006-166698-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: अयोध्या-लखनऊ तक हत्यारोपियों की तलाश, मोबाइल बंद कर फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: अयोध्या-लखनऊ तक हत्यारोपियों की तलाश, मोबाइल बंद कर फरार
विज्ञापन
बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के खड़ौवा निवासी संविदाकर्मी यशवंत कुमार की हत्या के मामले में फरार तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस आसपास के जिलों में दबिश दे रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हैं और उनके जिले से बाहर होने की आशंका है। पुलिस और सर्विलांस की करीब छह टीमें अयोध्या, बाराबंकी और लखनऊ समेत संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही हैं।
बुधवार सुबह वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमौरा के पास झाड़ियों में यशवंत कुमार का शव मिला था। उसकी बाइक करीब 30 किलोमीटर दूर दुबौलिया क्षेत्र में निर्माणाधीन बैरागल टोल प्लाजा के पास मिली थी। यशवंत उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की निर्माण इकाई गोरखपुर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर संविदा पर कार्यरत था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी।
एसओजी प्रभारी विकास यादव के नेतृत्व में पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटी थीं। शनिवार को पुलिस ने कप्तानगंज क्षेत्र के कौड़ीकोल निवासी सोना देवी और हर्रैया क्षेत्र के परेनाभारी निवासी रामललित चौधरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि यशवंत की प्रेमिका गुड़िया ने उसे रास्ते से हटाने के लिए अपनी मौसी सोना देवी, मौसेरी बहन रीमा, शीला और रीमा के प्रेमी रामललित के साथ मिलकर साजिश रची थी।
विज्ञापन
घटना के बाद गुड़िया, रीमा और शीला फरार हो गईं। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों से उनके जिले से बाहर होने के संकेत मिलने के बाद टीमें अयोध्या, बाराबंकी और लखनऊ तक पहुंचीं। तीनों के लगातार लोकेशन बदलने के कारण अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
-- -- -- -- --
दोनों की तय हो चुकी थी शादी
सूत्रों के अनुसार, गुड़िया और यशवंत की शादी तय हो चुकी थी। गुड़िया की शादी की तारीख भी तय हो गई थी, जबकि यशवंत की शादी की तारीख तय होना बाकी थी। पुलिस के अनुसार, गुड़िया की इससे पहले दो बार शादी तय हुई थी, जिन्हें यशवंत ने कथित तौर पर तुड़वा दिया था। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद की बात सामने आ रही है।
-- -- -- --
मोबाइल बरामद होने पर खुल सकते हैं वीडियो के राज
घटना के बाद से यशवंत का मोबाइल फोन पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल आरोपियों में से किसी के पास हो सकता है। बताया जा रहा है कि मोबाइल में मौजूद निजी वीडियो और अन्य साक्ष्यों से शादी टूटने से जुड़े विवाद की वजह स्पष्ट हो सकती है। पुलिस मोबाइल बरामद करने का प्रयास कर रही है।
-- -- -- --
परिजन से दूर, मौसी के घर रहती थी गुड़िया
सूत्रों के अनुसार, गुड़िया अपने परिजन से अलग रहती थी और मौसी के घर उसका अधिक आना-जाना था। वह मौसी और उसके परिवार के साथ ही अधिक समय बिताती थी। घटना के दिन भी वह पहले से मौसी के घर रुकी हुई थी। पुलिस को आशंका है कि हत्या की साजिश में शामिल लोगों के बीच यहीं से संपर्क और बातचीत हुई। यशवंत के परिजन को उसके और गुड़िया के संबंधों की जानकारी थी, लेकिन उन्हें इस रिश्ते का ऐसा खौफनाक अंजाम होने का अंदेशा नहीं था।
कोटफरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। मोबाइल फोन बरामद करने का भी प्रयास किया जा रहा है। प्रमुख मार्गों के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है।
-डॉ. यशवीर सिंह, एसपी
विज्ञापन
बुधवार सुबह वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमौरा के पास झाड़ियों में यशवंत कुमार का शव मिला था। उसकी बाइक करीब 30 किलोमीटर दूर दुबौलिया क्षेत्र में निर्माणाधीन बैरागल टोल प्लाजा के पास मिली थी। यशवंत उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की निर्माण इकाई गोरखपुर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर संविदा पर कार्यरत था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी।
विज्ञापन
एसओजी प्रभारी विकास यादव के नेतृत्व में पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटी थीं। शनिवार को पुलिस ने कप्तानगंज क्षेत्र के कौड़ीकोल निवासी सोना देवी और हर्रैया क्षेत्र के परेनाभारी निवासी रामललित चौधरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि यशवंत की प्रेमिका गुड़िया ने उसे रास्ते से हटाने के लिए अपनी मौसी सोना देवी, मौसेरी बहन रीमा, शीला और रीमा के प्रेमी रामललित के साथ मिलकर साजिश रची थी।
विज्ञापन
घटना के बाद गुड़िया, रीमा और शीला फरार हो गईं। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों से उनके जिले से बाहर होने के संकेत मिलने के बाद टीमें अयोध्या, बाराबंकी और लखनऊ तक पहुंचीं। तीनों के लगातार लोकेशन बदलने के कारण अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
दोनों की तय हो चुकी थी शादी
सूत्रों के अनुसार, गुड़िया और यशवंत की शादी तय हो चुकी थी। गुड़िया की शादी की तारीख भी तय हो गई थी, जबकि यशवंत की शादी की तारीख तय होना बाकी थी। पुलिस के अनुसार, गुड़िया की इससे पहले दो बार शादी तय हुई थी, जिन्हें यशवंत ने कथित तौर पर तुड़वा दिया था। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद की बात सामने आ रही है।
मोबाइल बरामद होने पर खुल सकते हैं वीडियो के राज
घटना के बाद से यशवंत का मोबाइल फोन पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल आरोपियों में से किसी के पास हो सकता है। बताया जा रहा है कि मोबाइल में मौजूद निजी वीडियो और अन्य साक्ष्यों से शादी टूटने से जुड़े विवाद की वजह स्पष्ट हो सकती है। पुलिस मोबाइल बरामद करने का प्रयास कर रही है।
परिजन से दूर, मौसी के घर रहती थी गुड़िया
सूत्रों के अनुसार, गुड़िया अपने परिजन से अलग रहती थी और मौसी के घर उसका अधिक आना-जाना था। वह मौसी और उसके परिवार के साथ ही अधिक समय बिताती थी। घटना के दिन भी वह पहले से मौसी के घर रुकी हुई थी। पुलिस को आशंका है कि हत्या की साजिश में शामिल लोगों के बीच यहीं से संपर्क और बातचीत हुई। यशवंत के परिजन को उसके और गुड़िया के संबंधों की जानकारी थी, लेकिन उन्हें इस रिश्ते का ऐसा खौफनाक अंजाम होने का अंदेशा नहीं था।
कोटफरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। मोबाइल फोन बरामद करने का भी प्रयास किया जा रहा है। प्रमुख मार्गों के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है।
-डॉ. यशवीर सिंह, एसपी