फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Dengue strikes; blood shortage at district hospital's blood bank.

Banda News: डेंगू की दस्तक, जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त का टोटा

Sat, 12 Sep 2026 12:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
Dengue strikes; blood shortage at district hospital's blood bank.
फोटो-13-जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक। अमर उजाला
फोटो-13-जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक। अमर उजाला
विज्ञापन

= महज 13 यूनिट रक्त शेष, इनमें छह यूनिट की जांच बाकी
= एबी निगेटिव समेत चार ब्लड ग्रुप खत्म, प्लेटलेट्स की जरूरत बढ़ने पर बढ़ सकती है मुश्किल


अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है। अब तक दो मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में डेंगू के मरीज बढ़ने की आशंका के बीच जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी चिंता बढ़ा रही है। रक्तकोष में इस समय महज 13 यूनिट रक्त उपलब्ध है। इनमें दो यूनिट 100-100 मिलीलीटर की हैं, जबकि छह यूनिट रक्त की जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
डेंगू में कई मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से कम होते हैं। ऐसे में समय पर रक्त संबंधी जरूरत पूरी करना चुनौती बन सकता है। जिला अस्पताल के रक्तकोष में एबी निगेटिव, एबी पॉजिटिव, बी निगेटिव और ओ निगेटिव ब्लड ग्रुप की एक भी यूनिट उपलब्ध नहीं है। अन्य ब्लड ग्रुपों का स्टॉक भी कम है। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन करीब 20 यूनिट रक्त की मांग रहती है। रक्त देने के बदले रक्तदाता से रक्त लिया जाता है, लेकिन रक्तदान के बाद उसे सीधे मरीज को नहीं दिया जा सकता। रक्त की जांच और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही उसका इस्तेमाल किया जाता है।
विज्ञापन

रक्तकोष की एक और बड़ी समस्या यह है कि बदले में मिलने वाले रक्त में अधिकांश बी पॉजिटिव और ओ पॉजिटिव ग्रुप का होता है। इससे इन दोनों ग्रुपों का स्टॉक तो कुछ हद तक बना रहता है, लेकिन दूसरे ब्लड ग्रुपों की कमी दूर नहीं हो पाती।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------

जरूरत पड़ने पर बिना रक्तदाता भी मिलता है रक्त
रक्तकोष से सामान्य तौर पर रक्त तभी दिया जाता है, जब मरीज की ओर से रक्तदाता उपलब्ध कराया जाए। हालांकि, मरीज के साथ कोई रक्तदाता न होने या परिजन के रक्तदान करने में सक्षम न होने की स्थिति में भी जरूरत के अनुसार रक्त उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) की स्वीकृति ली जाती है।


वर्जन

सीएमएस, जिला अस्पताल ने बताया कि रक्तकोष में उपलब्ध रक्त का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार किया जा रहा है। रक्तदाताओं से रक्तदान के लिए अपील की जाती है। अलग-अलग ब्लड ग्रुप की उपलब्धता बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।ब्लड बैंक में उपलब्ध स्टॉक


ब्लड ग्रुप
जांचा हुआ स्टॉक
स्थिति

ए पॉजिटिव
1 यूनिट
उपलब्ध
बी पॉजिटिव
1 यूनिट
उपलब्ध
ओ पॉजिटिव
1 यूनिट
उपलब्ध
ए पॉजिटिव
3 यूनिट उपलब्ध
एबी पॉजिटिव
0
नहीं है
एबी निगेटिव
0
नहीं है
बी निगेटिव
0
नहीं है
ओ निगेटिव
0
नहीं है
अन्य/जांच लंबित
6 यूनिट
जांच के बाद उपयोग योग्य
---------------
वर्जन
रक्तदाताओं को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाता है। स्वेच्छा से रक्तदान करने वाली संख्या कम है, इसके कारण रक्तकोष में कमी है। प्रयास है कि रक्तदान शिविरों का आयोजन कर इसे बढ़ाया जाए। -डॉ. किशुन कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल

-डॉ. किशुन कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed