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Balrampur News: सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या अधिक
Sun, 06 Sep 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 06 Sep 2026 11:07 PM IST
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फोटो-27-बलरामपुर के पुलिस लाइन में कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। छुट्टी के दिन मरीजों को उपचार की सुविधा देने के लिए रविवार को जिले के 35 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में 1,864 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें 795 पुरुष, 761 महिलाएं और 308 बच्चे शामिल रहे। स्वास्थ्य मेले में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोकहिया में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जावेद अख्तर और डॉ. मोहसिन अली सिद्दीकी ने मरीजों का उपचार किया। दोपहर 12:10 बजे तक यहां 32 मरीजों को देखा जा चुका था। रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर लगाया गया। शिविर में गैर संचारी रोग चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संचारी एवं गैर संचारी रोगों के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी गई।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी और एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार चौधरी ने स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। ललिया क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मथुरा बाजार में दोपहर दो बजे तक 105 मरीजों का उपचार किया गया। चिकित्सक डॉ. कपिल देव ने मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं दीं। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े हैं। बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मेले में फार्मासिस्ट राम निवास मौर्य, जय प्रकाश यादव, स्टाफ नर्स सुरेश और वार्ड ब्वॉय राहुल कुमार मौजूद रहे।
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लैब टेक्नीशियन नहीं, मरीज परेशान
हरैया सतघरवा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मणिपुर सहिजना में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक सिंह ने मरीजों का उपचार किया। पीएचसी में लैब टेक्नीशियन (एलटी) न होने के कारण मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। इसके अलावा फार्मासिस्ट भी सप्ताह में तीन दिन ही काम करते हैं। नियमित फार्मासिस्ट न होने के कारण उन्हें दूसरे अस्पताल से संबद्ध कर दिया गया है। अस्पताल में स्वीपर कम चौकीदार की तैनाती न होने से साफ-सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
दवा लेने आए चेतराम (65), काशीराम (40) और रामसागर (35) ने बताया कि एलटी न होने के कारण खून और बलगम की जांच नहीं हो सकी। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि एलटी और फार्मासिस्ट की तैनाती के लिए अधीक्षक को पत्र लिखा गया है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोकहिया में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जावेद अख्तर और डॉ. मोहसिन अली सिद्दीकी ने मरीजों का उपचार किया। दोपहर 12:10 बजे तक यहां 32 मरीजों को देखा जा चुका था। रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर लगाया गया। शिविर में गैर संचारी रोग चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संचारी एवं गैर संचारी रोगों के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी गई।
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सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी और एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार चौधरी ने स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। ललिया क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मथुरा बाजार में दोपहर दो बजे तक 105 मरीजों का उपचार किया गया। चिकित्सक डॉ. कपिल देव ने मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं दीं। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े हैं। बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मेले में फार्मासिस्ट राम निवास मौर्य, जय प्रकाश यादव, स्टाफ नर्स सुरेश और वार्ड ब्वॉय राहुल कुमार मौजूद रहे।
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लैब टेक्नीशियन नहीं, मरीज परेशान
हरैया सतघरवा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मणिपुर सहिजना में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक सिंह ने मरीजों का उपचार किया। पीएचसी में लैब टेक्नीशियन (एलटी) न होने के कारण मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। इसके अलावा फार्मासिस्ट भी सप्ताह में तीन दिन ही काम करते हैं। नियमित फार्मासिस्ट न होने के कारण उन्हें दूसरे अस्पताल से संबद्ध कर दिया गया है। अस्पताल में स्वीपर कम चौकीदार की तैनाती न होने से साफ-सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
दवा लेने आए चेतराम (65), काशीराम (40) और रामसागर (35) ने बताया कि एलटी न होने के कारण खून और बलगम की जांच नहीं हो सकी। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि एलटी और फार्मासिस्ट की तैनाती के लिए अधीक्षक को पत्र लिखा गया है।