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Ballia News: अस्पताल परिसर में लापरवाही का ढेर, खुले में पड़े सिरिंज-निडिल से संक्रमण का खतरा

Wed, 28 Oct 2026 01:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 01:33 AM IST
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Widespread negligence on hospital premises; syringes and needles left in the open pose a risk of infection.
जिला अस्पताल के आपातकालीन के पीछे ​स्थित मेडिकल वेस्ट से जाम पड़ी नाली।संवाद - फोटो : 1
बलिया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में कार्यरत पैरामेडिकल छात्र मरीजों को इंजेक्शन लगाकर बाल्टी में डालने की जगह उसे बाहर नाली व कोने में फेंक दे रहे हैं। अस्पताल परिसर में जहां-तहां सिरिंज व निडिल बिखरी पड़ी है। मरीज व तीमारदारों के पैर में चुभने से एचआईवी संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। नगरपालिका के तीन से चार नोटिस के बावजूद अस्पताल के जिम्मेदारों की आदतों में सुधार नहीं हो रहा है। इमरजेंसी में कार्यरत चिकित्सक व फार्मासिस्ट भी पैरामेडिकल छात्रों को सिरिंज व मरहम पट्टी को बाल्टी में डालने की सीख नहीं देते हैं। ऐसा नहीं कि सभी छात्र लापरवाही करते हैं, कुछ की गलती के कारण हालत गंभीर बनी हुई है।
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी में मंगलवार को करीब 12 से अधिक पैरामेडिकल छात्र ट्रेनिंग लेने पहुंचे थे। फार्मासिस्ट की सलाह पर वह आने वाले गंभीर मरीजों को इंजेक्शन के साथ मरहम पट्टी कर रहे थे। दो-तीन छात्र मरीजों को इंजेक्शन लगाने के बाद सिरिंज व मरहम पट्टी बाल्टी में फेंकने की जगह उसे नाली या कोने में फेंक दे रहे थे। साथी के टोकने पर मुस्कुरा कर अगले मरीज को इंजेक्शन देने में लग जा रह रहे थे। रोज 137 मरीज को इंजेक्शन लगाने पर करीब 30 से 40 सिरिंज नाली व कोने और खिड़की के रास्ते फेंका जाता है। इमरजेंसी व नए अस्पताल भवन के आसपास खुले में सिरिंज व निडिल देख सकते हैं। इमरजेंसी कक्ष की सफाई के दौरान सफाईकर्मी उसे उठाकर आम कूड़े में डाल देते हैं। जिसके कारण नपा कूड़ा का उठान नहीं करवाता है। सफाईकर्मी रात के अंधेरे में कूड़ा में आग लगा देते या उठाकर कहीं फेंक देते हैं। अस्पताल से मेडिकल बायो वेस्ट उठाने के लिए गाजीपुर से हर दिन में गाड़ी आती है, जो बाल्टियों में रखे मेडिकल वेस्ट उठा कर ले जाती है। मेडिकल वेस्ट में कई जानलेवा बीमारी के वायरस का सिरिंज होता हैं, जो नॉर्मल आग में नष्ट नहीं होते हैं। यही स्थिति रसायनों की भी होती है। कूड़ा में मेडिकल वेस्ट जलाने से उसमें से निकलने वाला धुआं सांस के जरिये फेफड़ों में जाकर कैंसर, टीबी, दमा और त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन रहे हैं।
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इमरजेंसी में ड्यूटी देने वाले चिकित्सक व फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी है कि मरीज को इंजेक्शन लगने के बाद सिरिंज को बाल्टी में डलवाया जाए। सभी स्थानों पर जागरूकता पोस्टर लगाया गया गया। पैरामेडिकल छात्रों को निर्धारित बाल्टी में कूड़ा डालने को जागरूकता व शपथ दिलाई जाएगी और इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। सफाईकर्मियों को कूड़ा में बायो मेडिकल वेस्ट डालने से मना किया गया है। ---- डॉ. विनोद कुमार, प्रभारी सीएमएस।

जिला अस्पताल के आपातकालीन के पीछे स्थित मेडिकल वेस्ट से जाम पड़ी नाली।संवाद

जिला अस्पताल के आपातकालीन के पीछे स्थित मेडिकल वेस्ट से जाम पड़ी नाली।संवाद- फोटो : 1

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