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Bahraich News: कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र शुरू, पांच तक बुकिंग फुल

Mon, 02 Nov 2026 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Mon, 02 Nov 2026 12:37 AM IST
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Tourism season begins in Katarniaghat, bookings full till 5th
कतर्नियाघाट में जंगल सफारी वाहन को हरी झंडी दिखाते अधिकारी। -स्रोत : विभाग
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में रविवार को नए पर्यटन सत्र का शुभारंभ पूजन-अर्चन के साथ हुआ। जून से बंद वन क्षेत्र में पर्यटन शुरू होने से लोगों में खुशी है। टाइगर और लेपर्ड कैंप में पांच नवंबर तक की बुकिंग फुल हो चुकी है।
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प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित के नेतृत्व में बलहा विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल ने फीता काटकर पर्यटन सत्र का शुभारंभ किया। इसके बाद दोनों ने जंगल सफारी को हरी झंडी दिखाई। आलोक जिंदल ने कहा कि भाजपा सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जंगलों को जोड़ने वाली सड़कों और अन्य सुविधाओं का विकास करा रही है।
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डीएफओ ने बताया कि इस बार भी दरों में बदलाव नहीं किया गया है। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया है। घड़ियाल केंद्र के पास सेल्फी पॉइंट और घड़ियाल व्याख्या केंद्र बनाया गया है।
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उन्होंने बताया कि 551 वर्ग किलोमीटर में फैले कतर्नियाघाट में मगरमच्छ, घड़ियाल, बाघ, तेंदुआ, हाथी और दुर्लभ पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं। वन निगम प्रभारी अरुन कुमार पांडे ने बताया कि यहां छह कमरे हैं, जिनमें चार लेपर्ड और दो टाइगर कैंप हैं। कमरों में फ्रिज, एसी, एलईडी और झूलों की सुविधाएं दी गई हैं। ककरहा रेंज में चार थारू हट और 12 बेड की डॉर्मेटरी भी है।

शुभारंभ के मौके पर रेंजर कतर्नियाघाट आशीष गौड़, रेंजर धर्मापुर दीपक मिश्रा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन, डिप्टी रेंजर मयंक पांडे, वन दरोगा योगेश सिंह, वन रक्षक सूरज कुमार, हीरा लाल यादव, अन्नू शुक्ला, विजय पांडे और मंसूर अली मौजूद रहे।


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हस्तनिर्मित कलाकृतियां भी खरीद सकेंगे पर्यटक
घड़ियाल केंद्र के पास वनधन केंद्र पर पर्यटक थारू जनजाति की हस्तनिर्मित कलाकृतियां खरीद सकेंगे। चंदन चौकी निवासी स्टॉल संचालिका निर्मला ने बताया कि यहां दीवार घड़ी, टोपी, पर्स, चप्पल और बर्तनों समेत कई सामान उपलब्ध हैं। ये कलाकृतियां जंगल के पेड़-पौधों और फूल-पत्तियों से तैयार की जाती हैं।
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