फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Wife saves husband life by donating a kidney, secures nine medals at National Organ Transplant Game

विपिन-प्रियंका बने मिसाल: पत्नी ने किडनी देकर बचाई जान, फिर दोनों ने जीता मैदान, नाम किए नौ पदक

Tue, 03 Nov 2026 02:25 AM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Tue, 03 Nov 2026 02:25 AM IST
सार

दिल्ली में एक नवंबर को आयोजित नेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट गेम्स-2026 में विपिन यादव और उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ पदक अपने नाम किए।

विज्ञापन
Wife saves husband life by donating a kidney, secures nine medals at National Organ Transplant Game
प्रियंका और विपिन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसला मजबूत हो तो हर चुनौती को मात दी जा सकती है। इसका उदाहरण विपिन यादव और उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा ने पेश किया है। पत्नी ने पति को किडनी दान कर नया जीवन दिया और अब दोनों ने खेल के मैदान में एक साथ नौ पदक जीतकर जज्बे और हिम्मत की नई कहानी लिख रहे हैं।

विज्ञापन


दिल्ली में एक नवंबर को आयोजित नेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट गेम्स-2026 में विपिन यादव और उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ पदक अपने नाम किए। इनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी विपिन साल 2012 से राजधानी देहरादून के बंगाली कोठी में रह रहे हैं।
विज्ञापन


दोनों की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है। विपिन ने बताया कि 11 मार्च 2025 को लखनऊ के एक अस्पताल में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा ने उन्हें अपनी किडनी दान कर जीवन का अनमोल उपहार दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


UK Top News: बदरी-केदार में बर्फबारी, चर्चा में मंत्री उनियाल का बयान, सरकारी कर्मचारियों को बोनस की सौगात

Trending Videos

गंभीर स्वास्थ्य चुनौती से उबरने के बाद विपिन ने खेल के मैदान में वापसी की और पत्नी के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर शानदार उपलब्धि हासिल की। प्रतियोगिता में हुए पेटांक मुकाबले में दोनों ने दूसरा स्थान प्राप्त कर रजत पदक हासिल किया। इस राष्ट्रीय आयोजन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद रहे।

दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रेम, त्याग, समर्पण, अनुशासन और अटूट इच्छाशक्ति की मिसाल बन गई है। विपिन और प्रियंका की यह सफलता उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। विपिन ने कहा कि उनकी कहानी बताती है कि अंगदान किसी को नया जीवन देने के साथ उसके सपनों को भी नई उड़ान दे सकती है। यह महज नौ पदकों की नहीं जीते, बल्कि जीवनदान, विश्वास और कभी हार न मानने वाले जज्बे की जीत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed