यूपी: ये कैसी इंजीनियरिंग... कहीं सड़क से ऊंचा नाला, कहीं सड़क से ऊपर सीवर के ढक्कन
आजमगढ़ शहर में कहीं सड़क से ऊपर नाला बना दिया गया तो कहीं सीवरलाइन के ढक्कन को सड़क से ऊपर लगा दिया है। इससे सड़क की पटरियों पर जमा पानी संक्रामक बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है।
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आजमगढ़ जिले के नगर क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग और नगरपालिका की इंजीनियरिंग समझ से परे है। कहीं सड़क से ऊपर नाला बना दिया तो कहीं सीवरलाइन के ढक्कन को सड़क से ऊपर लगा दिया है। इससे सड़क की पटरियों पर जमा पानी संक्रामक बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। नगर क्षेत्र में हो रहे अनियोजित विकास के मामले में दोनों विभागों में आगे निकलने की होड़ मची हुई है।नगर क्षेत्र की मुख्य चौक जाने वाली सड़क हो या सिविल लाइन इलाके की सड़क, हर जगह आपको अनियोजित विकास के उदाहरण दिख जाएंगे।
मुख्य चौक बाजार के सघन इलाके में सीवरेज एक बड़ी समस्या है। यहां मुख्य सड़क के किनारे पतली नाली ही एकमात्र माध्यम है। जो, हल्की सी बारिश में ओवरफ्लो हो जाती है। इसके अलावा सिविल लाइंस में मुख्य सड़क के बीचों-बीच सड़क पर तीन जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इसकी मरम्मत व निर्माण करने की बजाए लोक निर्माण विभाग ने गड्ढों के ऊपर सीवर लाइन के ढक्कन रख दिए।
नगर क्षेत्र लगभग सात से आठ स्थान ऐसे हैं जहां सीवर का ढक्कन छह से आठ इंच ऊंचा लगाया गया है। इससे विभाग की नाकामी तो छिप गई पर बीच सड़क में रखा ढक्कन हादसे का सबब बन गया है। बीती रविवार की रात लक्षिरामपुर निवासी राकेश की बाइक सीवर लाइन के ढक्कन से अनियंत्रित होकर गिर गई।
गनीमत रही कि उसे गंभीर चोट नहीं आई। यही हाल कालीचौरा से दलाल घाट रोड, गांधी तिराहा रोड, ब्रह्मस्थान से स्टेडियम को जाने वाली रोड, ठंडी सड़क रोड का भी यही हाल है। तो वहीं, विश्वकर्मा मंदिर के पूरब बना नया नाला रोड से एक फीट नीचे है। सिधारी पुराने पुल से हाइडिल जाने वाली सड़क पर बना नाला भी बेतरतीब बना है।
स्टेडियम रोड की पटरी पर जमा है बारिश का पानी
ब्रह्मस्थान से स्टेडियम को जाने वाली सड़क किनारे बना नाला ऊंचा बनाया गया है। इसका परिणाम है कि बारिश का पानी समुचित तरीके निकल नहीं पाता। इससे सड़क किनारे बारिश का पानी इकट्ठा रहता है। जिससे मच्छरों की पनपने की आशंका बनी रहती है। नाले का गंदा पानी सड़क की पटरियों पर जमा होता है।
दलालघाट रोड पर ढक्कन बने जाम के सबब
शहर के कालीचौरा से दलाल घाट जाने वाली रोड जगह-जगह जहां जर्जर होकर टूट गई है, वहीं 100-100 मीटर पर सड़क के बीच सीवर के ढक्कन परेशानी का सबब बने हुए हैं। ढक्कनों के किनारे गड्ढे बन गए हैं। जिससे आए दिन ई-रिक्शा का पहिया फंसने से जाम की स्थिति बनी रहती है।
शहर में सीवरेज का प्लान बेतरतीब है। शहरी क्षेत्र में पतली-पतली नालियां बनी हैं, तो कहीं सड़कों के ऊंचे नाले बने हैं। जिसमें बारिश का पानी नहीं निकल पाता है। -मनीष कृष्णा, गुरुटोला
शहर में अनियोजित विकास किया गया है। सीवरेज का कोई प्लान नहीं है। जहां चाहे, वहीं नाला बना दिया, वह भी बेतरतीब। इसके लिए वृहद प्लान करने की आवश्यकता है। -पुरुषोत्तम सिंह, सिधारी
नगरपालिका क्षेत्र में वृहद सीवरेज प्लान तैयार किया जाएगा। इसका सर्वे कराया जा रहा है। जहां-जहां जरूरत हैं, वहां जलनिकासी के उचित इंतजाम कराए जाएंगे। -डॉ. बृजेश कुमार, ईओ नगरपालिका आजमगढ़
सिविल लाइंस क्षेत्र में जहां पर यह गड्ढा हुआ है उसके नीचे के पुराना नाला है। वह टूट रहा है तो सड़क धंस रही है। नगरपालिका से कहा गया है कि इसे दुरुस्त करा लें तो तब इसका निर्माण कराया जाएगा। सीवर के ढक्कन मामले में तो शहर क्षेत्र में जो भी नई सड़क बन रही है उसका बेहतर मास्टर प्लान तैयार कर निर्माण कराया जा रहा है। अब सड़क की मरम्मत होने पर इसे भी दुरुस्त करा दिया जाएगा। -हरिश्चंद्र राय, जेई पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड दो