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Auraiya News: दहेज के लिए पत्नी की हत्या में पति को 10 साल की कैद
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औरैया। सदर कोतवाली के गांव मोहना के साढ़े आठ वर्ष पूर्व में दहेज के लिए गला घोंटकर मार डालने के मामले में बृहस्पतिवार को अदालत ने फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार वत्स ने मृतका के पति अवनीश कुमार को दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या का दोषी करार दिया और उसे दस वर्ष की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। साथ कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी बनाए गए जेठ व सास को दोषमुक्त कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सहायल क्षेत्र के गांव बराऊ निवासी वादी सोनूपाल ने कोतवाली में दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। वादी ने बताया कि उसने अपनी बेटी पूजा देवी की शादी मई 2015 में गांव मोहना निवासी अवनीश कुमार के साथ की थी। आरोप था कि दहेज कम मिलने के कारण ससुरालजन संतुष्ट नहीं थे और लगातार पूजा को प्रताड़ित करते थे। 15 फरवरी 2018 को मायके पक्ष को सूचना मिली कि पूजा की संदिग्ध हालात में ससुराल में मौत हो गई है। मौके पर पहुंचे वादी ने पति अवनीश कुमार, सास विजय लक्ष्मी व जेठ बल्लाबाबू पर पुत्री को गला दबाकर मार डालने का आरोप लगाया। पुलिस ने पति के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की, जबकि अदालत ने धारा 319 सीआरपीसी के तहत सास व जेठ को भी तलब किया। इसके बाद तीनों पर दहेज हत्या का यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-प्रथम) के समक्ष चला। विवाहिता की शादी के तीन वर्ष के भीतर हुई मौत को न्यायालय ने बेहद गंभीरता से लिया। विवेचना के दौरान यह महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आया कि घटना के वक्त सास व जेठ घर पर मौजूद नहीं थे। अभियोजन पक्ष की ओर से कड़े दंड की मांग की गई, जबकि बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश राजीव कुमार वत्स ने सास विजय लक्ष्मी व जेठ बल्ला बाबू को दोषमुक्त कर दिया, लेकिन पति अवनीश कुमार को सजा सुनाई। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। बाद में दोषी को जेल भेज दिया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जेल में बिताई गई पूर्व अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, सहायल क्षेत्र के गांव बराऊ निवासी वादी सोनूपाल ने कोतवाली में दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। वादी ने बताया कि उसने अपनी बेटी पूजा देवी की शादी मई 2015 में गांव मोहना निवासी अवनीश कुमार के साथ की थी। आरोप था कि दहेज कम मिलने के कारण ससुरालजन संतुष्ट नहीं थे और लगातार पूजा को प्रताड़ित करते थे। 15 फरवरी 2018 को मायके पक्ष को सूचना मिली कि पूजा की संदिग्ध हालात में ससुराल में मौत हो गई है। मौके पर पहुंचे वादी ने पति अवनीश कुमार, सास विजय लक्ष्मी व जेठ बल्लाबाबू पर पुत्री को गला दबाकर मार डालने का आरोप लगाया। पुलिस ने पति के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की, जबकि अदालत ने धारा 319 सीआरपीसी के तहत सास व जेठ को भी तलब किया। इसके बाद तीनों पर दहेज हत्या का यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-प्रथम) के समक्ष चला। विवाहिता की शादी के तीन वर्ष के भीतर हुई मौत को न्यायालय ने बेहद गंभीरता से लिया। विवेचना के दौरान यह महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आया कि घटना के वक्त सास व जेठ घर पर मौजूद नहीं थे। अभियोजन पक्ष की ओर से कड़े दंड की मांग की गई, जबकि बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश राजीव कुमार वत्स ने सास विजय लक्ष्मी व जेठ बल्ला बाबू को दोषमुक्त कर दिया, लेकिन पति अवनीश कुमार को सजा सुनाई। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। बाद में दोषी को जेल भेज दिया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जेल में बिताई गई पूर्व अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
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