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'अब कुछ बनकर ही आएंगे': रील देख तीन दोस्तों ने उठाया ऐसा कदम, परिजन के उड़ गए होश; पुलिस को इस हाल में मिले
Mon, 19 Oct 2026 07:52 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 19 Oct 2026 07:52 PM IST
सार
परिवार के लोगों को पत्र मिला तो परेशान हो गए। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। इस पर पुलिस टीम लग गई। किशोरों के मोबाइल की लोकेशन निकाली। मगर मोबाइल बंद हो गए थे।
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पुलिस ने तीन दोस्तों को ढूंढ़ निकाला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
महंगे कपड़े, लग्जरी कार, बड़ा बनने का सपना...। रील से रियल लाइफ में तीन दोस्तों ने घर से निकलकर मुंबई का सफर तय किया। बस से जयपुर तक पहुंच गए। आगे जाने के लिए ट्रेन नहीं मिली तो मायूसी छा गई। दूसरी तरफ परिवार वाले बेटों की तलाश में भटकने लगे। बाद में बेटे भी आगरा की राह पकड़ने लगे। फिर से आगे बढ़ने की सोचते मगर तब तक पुलिस पहुंच गई। तीनों को सकुशल घर पहुंचा दिया।
तीनों दोस्त लोहामंडी क्षेत्र के रहने वाले हैं। दो नाबालिग हैं। 12वीं कर रहे हैं। इनमें एक मूलरूप से दिल्ली का रहने वाला है। वह मामा के घर में 12 साल से रह रहा है। मामा जूते का काम करते हैं। दूसरे के पिता भी जूते का कारखाना घर में ही चलाते हैं। तीसरा 20 साल का है। आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। तीनों इंस्टाग्राम पर रील देखते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि कई रील ऐसी थी कि जिसमें लोगों की सक्सेस स्टोरी थी। घर छोड़ने के बाद लखपति और करोड़पति बन गए।
अपना लक्ष्य तय करके लग्जरी जिंदगी जी रहे हैं। इससे तीनों के मन में भी घर से अकेले निकलने का ख्याल आया। सोचा था कि पहले छोटी मोटी नाैकरी करेंगे। बाद में अपना काम शुरू करेंगे। एक दिन बड़े आदमी बनकर घर वापस आएंगे। इससे घरवाले भी उनकी काबिलियत की तारीफ करेंगे। 17 अक्तूबर की दोपहर 12वीं के छात्र टयूशन की कहकर घर से स्कूल बैग में कपड़े रखकर निकले। एक ने अपना मोबाइल भी 12 हजार रुपये में बेच दिया। तीनों एक जगह पर मिले। फिर ईदगाह स्टेशन पहुंचे। यहां से मुंबई की बस पकड़ना चाहते थे। मगर बस न मिलने की वजह से जयपुर की बस में बैठ गए। उन्हें लग रहा था कि जयपुर से आगे का सफर तय करेंगे। जयपुर के रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर ट्रेन के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। उन्हें खाने पीने की भी परेशानी हो रही थी।
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तीनों दोस्त लोहामंडी क्षेत्र के रहने वाले हैं। दो नाबालिग हैं। 12वीं कर रहे हैं। इनमें एक मूलरूप से दिल्ली का रहने वाला है। वह मामा के घर में 12 साल से रह रहा है। मामा जूते का काम करते हैं। दूसरे के पिता भी जूते का कारखाना घर में ही चलाते हैं। तीसरा 20 साल का है। आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। तीनों इंस्टाग्राम पर रील देखते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि कई रील ऐसी थी कि जिसमें लोगों की सक्सेस स्टोरी थी। घर छोड़ने के बाद लखपति और करोड़पति बन गए।
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अपना लक्ष्य तय करके लग्जरी जिंदगी जी रहे हैं। इससे तीनों के मन में भी घर से अकेले निकलने का ख्याल आया। सोचा था कि पहले छोटी मोटी नाैकरी करेंगे। बाद में अपना काम शुरू करेंगे। एक दिन बड़े आदमी बनकर घर वापस आएंगे। इससे घरवाले भी उनकी काबिलियत की तारीफ करेंगे। 17 अक्तूबर की दोपहर 12वीं के छात्र टयूशन की कहकर घर से स्कूल बैग में कपड़े रखकर निकले। एक ने अपना मोबाइल भी 12 हजार रुपये में बेच दिया। तीनों एक जगह पर मिले। फिर ईदगाह स्टेशन पहुंचे। यहां से मुंबई की बस पकड़ना चाहते थे। मगर बस न मिलने की वजह से जयपुर की बस में बैठ गए। उन्हें लग रहा था कि जयपुर से आगे का सफर तय करेंगे। जयपुर के रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर ट्रेन के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। उन्हें खाने पीने की भी परेशानी हो रही थी।
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पत्र में लिखा, अब कुछ बनकर ही आएंगे
दोनों छात्र अपने घरों में एक पत्र छोड़कर आए थे जिस पर लिखा कि पढ़ाई लिखाई से सिर्फ नाैकर बन सकते हैं। बड़ा आदमी नहीं बन सकते। अब बड़ा आदमी बनकर ही घर वापस आएंगे। परिवार के लोगों को पत्र मिला तो परेशान हो गए। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। इस पर पुलिस टीम लग गई। थाना लोहामंडी के एसआई सोनू कुमार ने टीम के साथ तलाश की। किशोरों के मोबाइल की लोकेशन निकाली। मगर मोबाइल बंद हो गए थे। उधर, ट्रेन नहीं मिलने पर तीनों ने वापसी का रुख कर लिया। उन्होंने सोचा कि आगरा जाकर ट्रेन में बैठ जाएंगे। भरतपुर के पास एक ने अपना मोबाइल चालू किया तो पुलिस को लोकेशन मिल गई। आगरा आने की जानकारी पर पुलिस ने तीनों को ढूंढ निकाला।
एक दूसरे को शेयर कर रहे थे सक्सेस स्टोरी
पुलिस ने तीनों से बात की। उनके मोबाइल भी चेक किए। इसमें सामने आया कि उनके सोशल मीडिया एकाउंट में कई रील ऐसी थी जिनमें सक्सेस होने के बारे में बताया गया था। तीनों एक दूसरे को सक्सेस स्टोरी शेयर भी कर रहे थे। एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह ने बताया कि तीनों को समझाया कि रील और रियल लाइफ में काफी अंतर होता है। रील पर दिखने वाली बातों पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसलिए पहले पढ़ाई करें। फिर आगे कुछ करने के बारे में विचार करें। कोई भी निर्णय किसी बाहरी के कहने पर नहीं करें। इसके लिए अपने परिजन और मां-पिता से जानकारी लें।
दोनों छात्र अपने घरों में एक पत्र छोड़कर आए थे जिस पर लिखा कि पढ़ाई लिखाई से सिर्फ नाैकर बन सकते हैं। बड़ा आदमी नहीं बन सकते। अब बड़ा आदमी बनकर ही घर वापस आएंगे। परिवार के लोगों को पत्र मिला तो परेशान हो गए। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। इस पर पुलिस टीम लग गई। थाना लोहामंडी के एसआई सोनू कुमार ने टीम के साथ तलाश की। किशोरों के मोबाइल की लोकेशन निकाली। मगर मोबाइल बंद हो गए थे। उधर, ट्रेन नहीं मिलने पर तीनों ने वापसी का रुख कर लिया। उन्होंने सोचा कि आगरा जाकर ट्रेन में बैठ जाएंगे। भरतपुर के पास एक ने अपना मोबाइल चालू किया तो पुलिस को लोकेशन मिल गई। आगरा आने की जानकारी पर पुलिस ने तीनों को ढूंढ निकाला।
एक दूसरे को शेयर कर रहे थे सक्सेस स्टोरी
पुलिस ने तीनों से बात की। उनके मोबाइल भी चेक किए। इसमें सामने आया कि उनके सोशल मीडिया एकाउंट में कई रील ऐसी थी जिनमें सक्सेस होने के बारे में बताया गया था। तीनों एक दूसरे को सक्सेस स्टोरी शेयर भी कर रहे थे। एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह ने बताया कि तीनों को समझाया कि रील और रियल लाइफ में काफी अंतर होता है। रील पर दिखने वाली बातों पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसलिए पहले पढ़ाई करें। फिर आगे कुछ करने के बारे में विचार करें। कोई भी निर्णय किसी बाहरी के कहने पर नहीं करें। इसके लिए अपने परिजन और मां-पिता से जानकारी लें।