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धाकरान जमीन फर्जीवाड़ा: बिल्डर और इंजीनियर की बढ़ेंगी मुश्किलें, प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी
Wed, 21 Oct 2026 09:39 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 21 Oct 2026 09:39 AM IST
सार
आगरा के धाकरान में सरकारी जमीन को निजी दर्शाकर फर्जी एनओसी के जरिए एडीए से नक्शा पास कराने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है और दस्तावेज अपलोड करने वाले इंजीनियर व जमीन का मालिक बताने वाले बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है।
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आगरा जिलाधिकारी कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एडीएम प्रोटोकॉल के नाम से फर्जी एनओसी तैयार कर एडीए से धाकरान स्थित सरकारी जमीन को निजी दर्शाते हुए नक्शा पास कराने के मामले में प्रशासन अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। प्रकरण में दस्तावेज को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने वाले इंजीनियर और खुद को जमीन का मालिक बताने वाले बिल्डर को नामजद कराते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
जांच टीम ने इस संबंध में डीएम मनीष बंसल को रिपोर्ट सौंप दी है। अमर उजाला ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि इस खेल के पीछे एक बड़ा आपराधिक षड्यंत्र रचा गया था, जिसमें सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने और उसे निजी संपत्ति साबित करने के लिए सोची-समझी रणनीति के तहत कूटरचित दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया।
एडीए से नक्शा स्वीकृत कराने के लिए लगाई गई एनओसी पूरी तरह फर्जी पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीए के अफसरों के बाद अब प्रशासन के अधिकारियों ने जिलाधिकारी मनीष बंसल को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों का कहना है कि त्योहारी छुट्टी के चलते मामला लटका हुआ था। अब छुट्टियां खत्म होने के बाद डीएम की मंजूरी मिलते ही नजूल विभाग प्राथमिकी दर्ज कराएगा। डीएम मनीष बंसल ने बताया कि जांच कराई गई है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
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जांच टीम ने इस संबंध में डीएम मनीष बंसल को रिपोर्ट सौंप दी है। अमर उजाला ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि इस खेल के पीछे एक बड़ा आपराधिक षड्यंत्र रचा गया था, जिसमें सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने और उसे निजी संपत्ति साबित करने के लिए सोची-समझी रणनीति के तहत कूटरचित दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया।
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एडीए से नक्शा स्वीकृत कराने के लिए लगाई गई एनओसी पूरी तरह फर्जी पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीए के अफसरों के बाद अब प्रशासन के अधिकारियों ने जिलाधिकारी मनीष बंसल को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों का कहना है कि त्योहारी छुट्टी के चलते मामला लटका हुआ था। अब छुट्टियां खत्म होने के बाद डीएम की मंजूरी मिलते ही नजूल विभाग प्राथमिकी दर्ज कराएगा। डीएम मनीष बंसल ने बताया कि जांच कराई गई है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
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