मेरे बेटे की पुलिसकर्मियों ने जान ले ली है। नवरात्र में उसकी दो बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। अब वो किसे पापा-पापा कहकर बुलाएंगी। पुलिस नहीं आती तो जान नहीं जाती। अब पूरे मामले की लीपापोती की जा रही है। जांच एसीपी को दी गई है। बावजूद इसके दो दरोगा आए थे। वह बयान लेकर चले गए। तहरीर की रिसीविंग तक नहीं दी। आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाया जा रहा है। परिवार न्याय चाहता है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। यह कहते हुए रावली निवासी चंदन सिंह रो पड़ते हैं। वह कंपाउंडर बेटे ललित की मौत से दुखी हैं।
रावली निवासी चंदन सिंह आवास विकास में कार्यरत थे। बाद में नौकरी छोड़ दी। ठेकेदारी शुरू कर दी। 74 साल की उम्र हो गई है। वह बताते हैं कि वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। इससे ही खर्च चलता है। ललित बड़ा बेटा था। उसकी शादी वर्ष 2016 में कुसुमा से हुई थी। दो बेटियां आठ साल की वंशिका और 1.5 माह की भाग्यश्री हैं। बताया कि बड़ी पोती बार-बार पिता को देख रही है। उन्हें तलाश रही है। उसे समझाकर चुप कर देते हैं। पुत्रवधू के आंसू नहीं रुक रहे हैं। वह उस घड़ी को याद कर रही है जब पुलिसकर्मी आए थे। करवाचौथ से पहले उसका सुहाग छिन गया। अब कोई सहारा भी नहीं है। शासन की तरफ से किसी तरह की मदद भी नहीं मिली है।
2 of 5
ललित के पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने बताया कि जांच एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा को दी गई है। सोमवार को वह नहीं आईं। उन्होंने दो दरोगा को भेजा था। उन्होंने उनके और छोटे बेटे भानु के बयान दर्ज किए। इसके बाद मोहल्ले के लोगों से बात की। घटनास्थल पर एक युवक ने पुलिसकर्मियों को जाते देखा था। उसका नंबर लेकर बात की। वह घर में नहीं था। उसे अब बयान के लिए बुलाया है। इसके बाद चले गए। तहरीर की कोई रिसीविंग नहीं दी गई। ऐसे में न्याय की आस पूरी होती नहीं दिख रही है। पिता ने दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
3 of 5
ललित की पत्नी और मासूम बेटियां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीसीटीवी फुटेज की चिप ले गए
पीड़ित पिता का आरोप है कि जिस फाटक के अंदर छत से गिरकर बेटे की जान ली गई, वहां पर सामने ही एक घर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिसकर्मी फाटक के सामने लगे कैमरे से चिप निकालकर ले गए। इससे अब वहां के लोगों के पास कोई फुटेज भी नहीं बचा है।
4 of 5
ललित का भाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नहीं ले गए थे अस्पताल
भाई भानु ने बताया कि पुलिसकर्मी आए थे। भाई के साथ झड़प की। इसके बाद भाई गिर गया। गिरने के बाद पुलिसकर्मी भाग गए। उन्हें घर आकर किसी ने जानकारी दी। घटनास्थल पर भाई खून से लथपथ मिला। अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। अगर घटना के बाद पुलिसकर्मी घायल भाई को अस्पताल ले जाते तो उसकी जान भी बच सकती थी। मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया।
5 of 5
ललित की पत्नी और मासूम बेटियां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था मामला
थाना रकाबगंज की चीता मोबाइल पर तैनात सिपाही आकाश शर्मा और शुभम राठी शुक्रवार रात को फाटक वाली बिल्डिंग पहुंचे। छत पर ताश खेल रहे युवकों को पकड़ने का प्रयास किया। चार युवक भाग गए। आरोप है कि कंपाउंडर ललित को सिपाहियों ने पकड़ लिया। झड़प के दौरान ललित की छत से गिरकर मौत हो गई। पिता की ओर से आरोप यह भी लगाया गया कि रुपये न लूट पाने पर पुलिसकर्मियों ने छत से बेटे को फेंककर हत्या कर दी। इसके बाद सिपाही भाग गए। हालांकि उन्हें निलंबित किया गया। झड़प की बात से पुलिस अधिकारी इन्कार कर रहे हैं।