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स्वास्थ्य: घुटनों से आने लगी कट-कट की आवाज? 30 से 45 साल की उम्र में रहें सावधान; ये हैं गठिया के संकेत

Mon, 12 Oct 2026 09:20 AM IST
Dhirendra Singh धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 12 Oct 2026 09:20 AM IST
सार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में रोजाना औसतन 450 मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इनमें 30-45 वर्ष की उम्र के कई मरीजों में गठिया जैसे लक्षण, घुटनों में दर्द और चलने-उठने में परेशानी देखी जा रही है।
 

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Arthritis Symptoms Seen in 35% of Patients Aged 30–45, Experts Cite Obesity and Vitamin Deficiencies
घुटने का दर्द - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

जोड़ और मांसपेशियों में दर्द रहना, गठिया की दस्तक है। इसे नजरअंदाज किया तो टेढ़ी चाल और कट-कट की आवाज आने लगी। अगर ऐसा हो रहा है तो समझ लो घुटने जवाब देने लगे हैं।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में रोजाना औसतन 450 मरीज आ रहे हैं। इसमें कमर, गर्दन, जोड़ और मांसपेशियों में दर्द के करीब 70 फीसदी मरीज होते हैं। इनमें 30-45 की उम्र के करीब 35 फीसदी में गठिया के ये लक्षण दिखे। इनमें 12 फीसदी मरीजों के पैरों में तिरछापन, चलने-बैठने और उठने पर कट-कट की आवाज आना, ज्यादा देर तक खड़े रहने से जोड़ों में सूजन-दर्द रहने की परेशानी मिल रही है।

 
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ये बोले हड्डी रोग विशेषज्ञ
एसएन मेडिकल कॉलेज  के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र शकुंत ने बताया कि अधिकांश समय बैठकर कार्य करने वाले युवाओं के घुटने तेजी से खराब हो रहे हैं। लंबे समय तक घुटने मोड़कर रखने से रक्त संचार प्रभावित होता है। फास्टफूड-जंकफूड खाने, व्यायाम न करने, पैदल कम चलने से वजन भी बढ़ रहा है। इसका सीधा दबाव घुटनों पर पड़ रहा है। 
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आगरा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी के पूर्व सचिव डॉ. अनुपम गुप्ता का कहना है कि युवाओं की हड्डियां ज्यादा कमजोर मिल रही हैं। जांच करने पर इनमें कैल्शियम, विटामिन डी की भारी कमी मिल रही है। बार-बार फ्रैक्चर होने, दर्द रहने और जोड़ों में टेढ़ापन हो रहा है। इलाज और वजन कम न करने से चाल में लचक बढ़ने लगती है।

वरिष्ठ गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजना पांडे ने कहा कि जेनेटिक वजहों से भी गठिया हो रहा है। इससे बच्चों और किशोरों में ये परेशानी मिल रही है। कई ऐसे भी हैं, जिनका वजन ज्यादा है। उन बच्चों के छोटी उम्र में घुटने खराब होने का खतरा अन्य के मुकाबले ज्यादा है।

 

इन बातों का रखें ध्यान
- सुबह आधा घंटे धूप जरूर लें।
- पांच हजार से अधिक कदम रोजाना पैदल चलें। वजन नियंत्रित करें।

- 30-40 मिनट बैठे रहने के बाद 3 से 5 मिनट पैदल चलें।

- दर्द होने पर कैल्शियम-विटामिन डी की जांच कराएं।

- फास्टफूड-जंकफूड नियमित न खाएं। पौष्टिक भोजन लें।

 

हर शनिवार निशुल्क जांच
 आगरा विकास मंच की ओर से जयपुर हाउस स्थित दिव्यांग केंद्र पर हर शनिवार को निशुल्क स्वास्थ्य शिविर सुबह 9-11 बजे लगाया जाता है। यहां पर हड्डी रोग के विशेषज्ञ डॉ. विभांशु जैन मरीजों को देखते हैं। आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन और संयोजक सुनील कुमार जैन ने बताया कि फिजियोथेरेपी और जयपुर फुट कृत्रिम अंग की भी यहां निशुल्क सुविधा है।
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