फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra's Lady Lyall Hospital Awaits New Building Two Years After Demolition

लेडी लॉयल की बदहाली: पुरानी बिल्डिंग जमीदोंज, नया अस्पताल अब भी दूर, राम भरोसे चिकत्सीय सेवाएं

Wed, 21 Oct 2026 10:20 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 21 Oct 2026 10:20 AM IST
सार

आगरा के जिला महिला अस्पताल लेडी लॉयल की पुरानी इमारत को ढहाए दो साल बीत चुके हैं, लेकिन 89 करोड़ रुपये की प्रस्तावित लागत वाले नए अस्पताल का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। फिलहाल एक ही मैटरनिटी विंग में ओपीडी, प्रसव और अन्य सेवाओं का दबाव है। रोजाना 600 से 700 मरीजों के आने से गर्भवती महिलाओं को जांच और रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

विज्ञापन
Agra's Lady Lyall Hospital Awaits New Building Two Years After Demolition
जिला महिला चिकित्सालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के मुख्य जिला महिला चिकित्सालय (लेडी लॉयल) के नए भवन का निर्माण बस कागजों में उलझकर रह गया है। दो साल पहले पुरानी इमारत को जमींदोज किया जा चुका है लेकिन अब तक नई इमारत की नींव तक नहीं रखी जा सकी है। वहीं पुराने महिला अस्पताल की जगह को जगह 100 विंग मैटरनिटी अस्पताल के लिए दे दिया गया है। पूरा कामकाज एक ही विंग पर सिमटकर रह गया है जिससे हर दिन यहां आने वाली सैकड़ों प्रसूताओं के लिए भारी मुसीबत बन गई है।
विज्ञापन


इन पुरानी इमारतों में लेबर रूम और पर्चा काउंटर जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं संचालित होती थीं। पुराने भवन टूटने के बाद अस्पताल का पूरा कामकाज और दबाव वर्तमान में संचालित पुरानी मैटरनिटी बिल्डिंग पर आ गया है, जिससे मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अस्पताल की ओपीडी रोजाना 600 से 700 मरीजों की है, जहां प्रतिदिन सामान्य और सीजेरियन मिलाकर करीब 25 से 30 प्रसव (डिलीवरी) भी कराए जाते हैं। साथ ही यहां बच्चों का इलाज भी होता है। स्थान की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी लैब में खून की जांच व अन्य रिपोर्ट्स के लिए घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन


बता दें कि मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के पास लगभग पांच एकड़ भूमि पर बनने वाले नए बहुमंजिला महिला अस्पताल के लिए लगभग 89 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। शासन से पहली किस्त के रूप में 37 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिसमें 150 से 200 बेड की क्षमता, आईसीयू, एनआईसीयू, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और अत्याधुनिक प्रसव कक्ष जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। बावजूद इसके, धरातल पर काम शुरू न होने से हर दिन लेडी लॉयल आने वाली सैकड़ों प्रसूताएं और महिलाएं भगवान भरोसे इलाज कराने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वजीरपुरा निवासी सीमा ने बताया कि पांच महीने की गर्भावस्था है। जांच और परामर्श के लिए अस्पताल आती हूं, घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। इस अवस्था में इतनी लंबी जद्दोजहद करना बेहद कष्टदायक होता है। 

खेरिया मोड़ निवासी राधा का कहना है कि भीड़भाड़ और अव्यवस्था के कारण समय पर जांच नहीं हो पाती है, और कई बार एक साधारण जांच या रिपोर्ट प्राप्त करने में दो से तीन दिन तक का लंबा समय लग जाता है।  


जिला महिला अस्पताल अधीक्षक डाॅ. पुष्पलता ने बताया कि सीमित जगह में व्यवस्थाओं को और बेहतर करने का प्रयास किया जाता है। महिलाओं को परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed