एशियन गेम्स में एथलेटिक्स का जलवा: हरिता, तेजस्विन और एंसी ने जीते पदक, अनिमेष-शैली से चूका मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का पदक जीतने का सिलसिला जारी है। हरिता भद्रा, तेजस्विन शंकर और एंसी सोजन ने देश की झोली में पदक डाले, जबकि अनिमेष कुजूर और शैली सिंह पदक से चूक गए।
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हरिता का कांस्य पदक एशियन गेम्स की महिलाओं की 200 मीटर स्पर्धा में भारत के लिए लंबे इंतजार को खत्म करने वाला रहा। भारत ने इस स्पर्धा में पिछली बार 2018 एशियन गेम्स में दुती चंद के कांस्य पदक के रूप में पदक जीता था। 23 वर्षीय हरिता एशियन गेम्स में 200 मीटर पदक जीतने वाली भारत की केवल छठी महिला बनीं। महाराष्ट्र की इस धाविका ने एशियन गेम्स से पहले 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 23.14 सेकंड का समय निकालकर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और राष्ट्रीय खिताब जीता था। एशियन गेम्स में उनका समय उस रिकॉर्ड से केवल 0.06 सेकंड अधिक रहा। भारत की उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.46 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। दौड़ खत्म होने के बाद बोलैंड ने हरिता को गले लगाकर उनकी उपलब्धि की बधाई दी।
पुरुषों की 200 मीटर फाइनल में भारत के अनिमेष कुजूर 20.80 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे। हीट्स में शानदार प्रदर्शन के बाद फाइनल में पहुंचे अनिमेष पदक के लिए जरूरी रफ्तार हासिल नहीं कर सके। थाईलैंड के पुरीपोल बूनसन ने 19.88 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने इस प्रदर्शन के साथ 100 मीटर-200 मीटर स्प्रिंट डबल पूरा किया और एशियाई रिकॉर्ड की बराबरी की। इससे पहले उन्होंने क्वालीफाइंग राउंड में गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया था। अनिमेष इससे पहले एशियन गेम्स में 100 मीटर के सेमीफाइनल में भी पहुंचे थे। वहीं, हरिता ने अपने पहले एशियन गेम्स में ही कांस्य पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के लिए 200 मीटर में एक अहम उपलब्धि हासिल की।
तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में जीता कांस्य, 1500 मीटर में किया शानदार प्रदर्शन
भारत के स्टार एथलीट तेजस्विन शंकर ने एशियन गेम्स में पुरुष डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीता। उन्होंने दो दिनों तक चले इस कठिन मुकाबले के आखिरी इवेंट 1500 मीटर में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4:33.09 का समय निकाला और कुल 7,934 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक तेजस्विन ने पहले दिन 100 मीटर, लंबी कूद, गोला फेंक, ऊंची कूद और 400 मीटर में मजबूत प्रदर्शन किया था। वह पहले दिन 4,338 अंकों के साथ शीर्ष पर थे। हालांकि, दूसरे दिन के मुकाबलों के बाद उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा। तेजस्विन ने 10 स्पर्धाओं में लगातार प्रदर्शन किया और आखिरी इवेंट 1500 मीटर में जीत दर्ज कर अपना पदक पक्का किया। यह एशियन गेम्स में उनका लगातार दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने हांगझोउ एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था।
भारत की एंसी सोजन ने एशियन गेम्स में महिला लंबी कूद में रजत पदक जीता। एंसी ने 6.53 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और मुकाबले के अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी, लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी दौर में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। एंसी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पांचवें प्रयास में किया था, लेकिन इसके बाद चीन की हुआंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर महज दो सेंटीमीटर के अंतर से भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया। वहीं, भारत की शैली सिंह पदक से चूक गईं। शैली की सर्वश्रेष्ठ छलांग 6.42 मीटर रही और वह चौथे स्थान पर रहीं। चीन की तान मेंगयी ने 6.46 मीटर की छलांग लगाकर शैली को पीछे छोड़ते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
भारत की पारुल चौधरी ने महिलाओं की स्टीपलचेज स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 9:08.67 सेकंड के पर्सनल बेस्ट समय के साथ यह उपलब्धि हासिल की।
बारिश के बीच भारत के सरवेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद में रजत पदक जीता। उन्होंने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार की, लेकिन चीन ताइपे के चाओ शुआन-फू ने इसी ऊंचाई को पहले प्रयास में पार कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सरवेश ने 2.25 मीटर की ऊंचाई दूसरे प्रयास में पार की। वह फाइनल के अधिकांश समय शीर्ष पर बने हुए थे, लेकिन आखिरी दौर में मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए।