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जयपुर: ईडब्ल्यूएस आरक्षण में बदलाव की मांग, रविंद्र भाटी बोले- राज्यों के प्रमाण-पत्र केंद्र में भी हों मान्य

Tue, 22 Sep 2026 01:09 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Tue, 22 Sep 2026 01:09 PM IST
सार

जयपुर में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने EWS आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। उन्होंने राज्यों के ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्रों को केंद्रीय सेवाओं और शिक्षण संस्थानों में मान्यता देने, प्रमाण-पत्र की वैधता बढ़ाने और पात्रता के भूमि संबंधी नियमों की समीक्षा की मांग की।

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Ravindra Singh Bhati Demands Reforms in EWS Reservation, Seeks State-Specific Eligibility Rules and
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी। फाइल फोटो

विस्तार

जयपुर में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण व्यवस्था में व्यावहारिक सुधार और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। पिंक सिटी प्रेस क्लब में भाटी ने कहा कि देश की भौगोलिक, कृषि और आर्थिक परिस्थितियां अलग-अलग हैं। ऐसे में ईडब्ल्यूएस पात्रता के लिए पूरे देश में एक जैसे संपत्ति संबंधी मानदंड कई राज्यों में व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा करते हैं।

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भाटी ने कहा कि राजस्थान में राज्य स्तर पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र से जुड़ी कुछ शर्तों में सरलीकरण किया गया है, लेकिन केंद्रीय स्तर पर कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि राज्यों द्वारा जारी ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्रों को केंद्रीय सेवाओं और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में भी मान्यता देने की व्यवस्था की जाए, ताकि अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रमाण-पत्र बनवाने की जरूरत न पड़े।

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उन्होंने भूमि संबंधी पात्रता के नियमों की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि जमीन का केवल आकार ही आर्थिक स्थिति का आधार नहीं होना चाहिए। भूमि की उत्पादकता, सिंचाई की उपलब्धता, स्थानीय भूमि मूल्य और वास्तविक आर्थिक उपयोगिता जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। भाटी ने बताया कि वर्ष 2022-23 में राजस्थान सरकार की ओर से 2,77,555 ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र जारी किए गए, जबकि केंद्र सरकार की ओर से 95,243 प्रमाण-पत्र जारी किए गए। उनके अनुसार, यह अंतर व्यवस्था को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बनाने की आवश्यकता को दर्शाता है।

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ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र की वैधता बढ़ाने की भी मांग रखी गई। भाटी ने वर्तमान एक वर्ष की वैधता को तीन या पांच वर्ष करने और निर्धारित शर्तों के तहत शपथ-पत्र के आधार पर नवीनीकरण की सुविधा देने का सुझाव दिया। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में आयु सीमा, आवेदन शुल्क और जहां लागू हो, न्यूनतम अर्हता में उचित छूट देने की मांग की गई।

भाटी ने ईडब्ल्यूएस परिवार की आय निर्धारित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की आवश्यकता बताई। विशेष रूप से विवाहित महिला अभ्यर्थियों को मायके और ससुराल से जुड़े दस्तावेजों के कारण होने वाली परेशानियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट नियम बनाने की मांग की।

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उन्होंने ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, छात्रावास और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय आर्थिक पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन पर विचार करने की मांग भी रखी।

भाटी ने पंचायती राज संस्थाओं में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए प्रतिनिधित्व का प्रावधान करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान के 75 से अधिक विधायक इस मांग के समर्थन में लिखित सहमति और समर्थन पत्र दे चुके हैं। साथ ही प्रदेश के सांसदों से भी संपर्क कर समर्थन मांगा गया है।

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