Rajasthan: 'जेन जी' नहीं युवा शक्ति, युवाओं की नाराजगी को विरोध नहीं संवाद का हिस्सा मानें: जमाल-संगीता बोले
संगीता यादव ने युवाओं को ‘जेन जी’ के बजाय ‘युवा शक्ति’ कहने की बात कही। जमाल सिद्दीकी ने युवाओं के बढ़ते आक्रोश को विरोध नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधारने का अवसर बताया। दोनों नेताओं ने युवाओं से संवाद और लोकतांत्रिक तरीके अपनाने पर जोर दिया।
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भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने राजस्थान सहित देश में युवाओं के बीच बढ़ते आक्रोश को लेकर प्रतिक्रिया दी। स्कूलों की बदहाली, युवाओं के आंदोलनों और विभिन्न मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रहे छात्रों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को केवल विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सिद्दीकी ने युवाओं को देश की ताकत बताते हुए कहा कि वे दमदार, जागरूक और अपने भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने युवाओं के आक्रोश की तुलना परिवार में बच्चों की नाराजगी से करते हुए कहा कि जब बच्चे माता-पिता से शिकायत करते हैं तो उनका उद्देश्य परिवार को तोड़ना नहीं, बल्कि अपनी जरूरत और अपेक्षा बताना होता है।
उन्होंने कहा कि कई बार सरकार या व्यवस्था के स्तर पर किसी काम में देरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में युवाओं का सवाल उठाना व्यवस्था को अपनी कमियों की ओर ध्यान दिलाने का अवसर देता है। जरूरी है कि सरकार और युवा दोनों संवाद का रास्ता अपनाएं।
सिद्दीकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं से संवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि जब युवा अपनी बात रखते हैं और नेतृत्व उनकी बात सुनता है तो असंतोष कम हो सकता है। उन्होंने युवाओं से भी अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक और सकारात्मक तरीके से सामने रखने की अपील की।
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राजस्थान में स्कूलों की स्थिति को लेकर चल रहे विवाद और विरोध प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि शिक्षा और बच्चों से जुड़े विषय बेहद महत्वपूर्ण हैं। सरकार को इन मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और युवाओं की चिंताओं का समाधान करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने आंदोलनों को किसी राजनीतिक दल या बाहरी ताकत के प्रभाव में आने से बचाएं। सिद्दीकी ने कहा कि देश के भीतर के मुद्दों को लेकर असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए, जिनका इस्तेमाल देश को कमजोर करने वाली ताकतें कर सकें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब युवा उसकी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनेंगे। सरकार और युवाओं के बीच संवाद, भरोसा और समयबद्ध समाधान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
‘जेन जी’ नहीं, युवाओं को ‘युवा शक्ति’ कहें: संगीता यादव
वहीं जोधपुर में पंचायत एवं निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर राज्यसभा सांसद और भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री संगीता यादव ने कहा कि युवाओं को ‘जेन जी’ कहने के बजाय ‘युवा शक्ति’ या ‘युवा भाई-बहन’ जैसे शब्दों से संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी पहचान को केवल ‘जेन जी’ जैसे शब्दों तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
भाजपा संगठन में युवाओं की अच्छी भागीदारी
संगीता यादव ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में इस बार युवाओं को अच्छी भागीदारी मिली है। पार्टी लगातार युवाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें संगठन में जिम्मेदारियां देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी युवाओं से लगातार संवाद कर रहे हैं। भाजपा के सांसद और विधायक भी युवाओं के बीच जाकर उनके मुद्दों को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
योग्य युवा दावेदारों को मिलेगा मौका
निकाय चुनाव में युवाओं को टिकट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी निश्चित प्रतिशत को लेकर अभी फैसला नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जो भी योग्य युवा दावेदार सामने आएंगे, पार्टी उनके नाम पर विचार करेगी। टिकट केवल उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि कार्यकर्ता की सक्रियता, स्थानीय स्तर पर किए गए काम और जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता को देखते हुए दिया जाएगा।
स्थानीय सर्वे के आधार पर टिकट
संगीता यादव ने कहा कि भाजपा में टिकट वितरण केवल ऊपर से तय नहीं होता। स्थानीय स्तर पर सर्वे कराया जाता है और जनता के बीच बेहतर काम करने वाले कार्यकर्ता की दावेदारी को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ता जनता के बीच लगातार काम करता है, इसलिए उसकी सक्रियता महत्वपूर्ण है।
सरकार के कामकाज पर जताया संतोष
राज्य की भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं धरातल पर चल रही हैं और उनके सामने कोई बड़ी शिकायत नहीं आई है। छोटे-मोटे मुद्दे सामने आने पर अधिकारियों और स्थानीय विधायकों से बातचीत कर उनका समाधान कराया गया।