फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Avoid sharing private information on ChatGPT and Gemini warns I4C news in hindi

काम की खबर: एआई चैटबॉट को दोस्त समझकर न बताएं निजी बातें, फोटो और पासवर्ड साझा करने से हो सकता है नुकसान

Sat, 24 Oct 2026 03:14 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 24 Oct 2026 03:14 PM IST
सार

I4C ने चैटजपीटी और Gemini जैसे AI चैटबॉट्स पर निजी जानकारी, फोटो, पासवर्ड और बैंक विवरण साझा करने से बचने की सलाह दी है। साइबर अपराध होने पर 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

विज्ञापन
Avoid sharing private information on ChatGPT and Gemini warns I4C news in hindi
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने अपने साइबरदोस्त हैंडल के माध्यम से स्पष्ट किया है कि ChatGPT और Gemini जैसे चैटबॉट्स को दोस्त समझकर व्यक्तिगत जानकारी, फोटो या संवेदनशील विवरण साझा करना प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। डिजिटल दुनिया में बढ़ती सहूलियत के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।

विज्ञापन


व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बढ़ता जोखिम
वर्तमान समय में बहुत से लोग AI चैटबॉट्स से बातचीत करते समय उन्हें अपना बेहद करीबी मित्र मानने लगते हैं। इस दौरान उपयोगकर्ता अपनी व्यक्तिगत समस्याएं, पारिवारिक बातें, अपनी लोकेशन, निजी फोटो और यहां तक कि गोपनीय पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारियां भी चैट में टाइप कर देते हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह टूल्स सामान्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरह कार्य नहीं करते हैं। इन टूल्स पर साझा किया गया डेटा संबंधित प्रणालियों में हमेशा के लिए स्टोर हो सकता है। इसके अलावा इस डेटा का उपयोग AI मॉडल की ट्रेनिंग के लिए हो सकता है या फिर किसी संभावित डेटा लीक के दौरान यह जानकारी सार्वजनिक हो सकती है। यहीं से प्राइवेसी का बड़ा जोखिम उत्पन्न होता है।
विज्ञापन


पढे़ं: कार-ट्रक की भिड़ंत में छह की मौत, पांच लोग एक ही परिवार से; मची चीख-पुकार
विज्ञापन
विज्ञापन


अनजाने प्लेटफॉर्म पर डेटा का खतरा
AI टूल्स से होने वाली बातचीत बेहद सामान्य और सहज लगती है, जिससे लोग इसे एक प्राइवेट चैट समझने की भूल कर बैठते हैं। वास्तव में यह किसी अनजान और अज्ञात प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी जानकारी डालने के समान है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें अपलोड करना या फिर बैंक खातों का विवरण, ओटीपी और पासवर्ड साझा करना अत्यधिक जोखिम भरा कदम है। एक बार यदि कोई डेटा इस डिजिटल सिस्टम में चला जाता है, तो उस पर पुनः नियंत्रण पाना बहुत कठिन हो जाता है। इसलिए लोगों को AI को अपना मित्र समझने से बचना चाहिए। I4C ने परामर्श दिया है कि AI से बात करते समय कभी भी अपनी असली पहचान न उजागर करें।

साइबर अपराध होने पर तुरंत करें शिकायत
सुरक्षा एजेंसी की सलाह है कि आवश्यकता पड़ने पर काल्पनिक नाम का प्रयोग किया जा सकता है। किसी भी स्थिति में व्यक्तिगत फोटो, आवश्यक दस्तावेज या संवेदनशील जानकारी इंटरनेट पर अपलोड न करें। हमेशा AI चैट को किसी सार्वजनिक स्थान की तरह ही समझें। यदि चैट के दौरान कोई लिंक साझा करना हो, तो पहले यह अच्छी तरह जांच लें कि उस लिंक को कौन-कौन देख सकता है। यदि किसी व्यक्ति के साथ कोई साइबर अपराध घटित होता है, तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह महत्वपूर्ण चेतावनी सरकार के 'साइबर सेफ इंडिया' अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed