राहुल मीणा ब्लाइंड मर्डर का खुलासा: लाश बाजरे के खेत में फेंकी, हिस्ट्रीशीटर समेत दो इनामी और महिला गिरफ्तार
दौसा जिले की मंडावर थाना पुलिस ने 15 अगस्त को मिले राहुल उर्फ भानू मीणा के ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने करीब 800 किलोमीटर तक पीछा कर 15-15 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों और एक महिला को गिरफ्तार किया है।
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मंडावर थाना पुलिस ने 15 अगस्त को मिले राहुल उर्फ भानू मीणा के ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने करीब 800 किलोमीटर तक पीछा कर 15-15 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों और एक महिला को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने राहुल की हत्या के बाद उसकी लाश को करीब 3 किलोमीटर दूर बाजरे के खेत में फेंक दिया था, ताकि हत्या का शक एक अन्य व्यक्ति चेतराम मीणा और उसके परिवार पर जाए। पुलिस के मुताबिक, राहुल का दो दिन पहले ही चेतराम से विवाद हुआ था और आरोपियों ने इसी रंजिश का फायदा उठाकर उसे फंसाने की साजिश रची।
बाजरे के खेत में मिली थी लाश, पहचान तक हुई मुश्किल
मृतक राहुल मीणा (30) पुत्र कृपाल मीणा, निवासी खेड़ा कल्याणपुर, अलवर का शव 15 अगस्त को खेड़ली कलां के जंगल में बाजरे के खेत में पड़ा मिला था। शव के पास न तो मोबाइल फोन था और न ही कोई पहचान संबंधी दस्तावेज मिला था। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे पहले मृतक की पहचान करना ही चुनौती बन गया था।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि राहुल की हत्या ग्राम किशोरपुर के बैरवा वास में की गई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को करीब 3 किलोमीटर तक घसीटा और उसे चेतराम मीणा के खेत में बाजरे के बीच फेंक दिया।
दो दिन पहले हुआ था चेतराम से विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, राहुल का हत्या से करीब दो दिन पहले चेतराम मीणा से झगड़ा हुआ था। आरोपियों ने इसी विवाद को अपनी साजिश का आधार बनाया। उनका मकसद शव को चेतराम के खेत में इस तरह फेंकना था कि पुलिस और लोगों का शक उसके परिवार पर जाए और वास्तविक हत्यारों तक पहुंचना मुश्किल हो।
हिस्ट्रीशीटर निकला हत्या का मास्टरमाइंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दौसा ने आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की जांच में मुख्य आरोपी के रूप में सुरेश उर्फ सुर्रा मीणा का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक, सुरेश खेड़ली थाने का हिस्ट्रीशीटर है और बेहद शातिर बदमाश माना जाता है।
तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना से गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी सर्विलांस के साथ-साथ गुप्त सूचना तंत्र का इस्तेमाल किया। लगातार निगरानी और करीब 800 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- सुरेश उर्फ सुर्रा मीणा, पुत्र अर्जुन, निवासी खांखर, खेड़ली, अलवर। पुलिस ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और वह हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है।
- शेरसिंह उर्फ शेरू मीणा, पुत्र रामसिंह, निवासी खोखर, खेड़ली, अलवर। उस पर भी 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
- इसके अलावा मुकेश बैरवा की पत्नी, निवासी किशोरपुर, को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
हथियार और हत्या की असली वजह का पता लगाने में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार को बरामद करने के साथ-साथ वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि राहुल की हत्या की वास्तविक वजह क्या थी और वारदात में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान हत्या से जुड़े बाकी अहम राज भी सामने आ सकते हैं।