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बिजली के जर्जर तार ने ली रिटायर्ड प्रधानाध्यापक की जान: 18 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं; धरने पर बैठे परिजन
Mon, 24 Aug 2026 05:54 PM IST
दौसा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 05:54 PM IST
सार
Dausa News: बांदीकुई के बिवाई गांव में जर्जर बिजली तार की चपेट में आने से रिटायर्ड प्रधानाध्यापक बीरबललाल कोली की मौत हो गई। पोस्टमार्टम नहीं होने से नाराज परिजन शव रखकर धरने पर बैठे हैं और मुआवजा, नौकरी समेत तीन मांगें रखी हैं।
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मृतक टीचर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बांदीकुई जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र के बिवाई गांव में बिजली निगम की लापरवाही का मामला सामने आया है। जर्जर बिजली तार की चपेट में आने से रिटायर्ड प्रधानाध्यापक बीरबललाल कोली की मौत हो गई। हादसे के करीब 18 घंटे बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इससे नाराज परिजन उप जिला अस्पताल के बाहर शव रखकर धरने पर बैठ गए।
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कई बार शिकायत के बावजूद नहीं सुधारी बिजली लाइन
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बिजली की लाइन लंबे समय से जर्जर और लटकी हुई थी। इस संबंध में बैजूपाड़ा बिजली निगम के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि निगम की लापरवाही के कारण रिटायर्ड प्रधानाध्यापक की जान चली गई।
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ग्रामीणों ने रखीं तीन मांगें
धरने पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों ने लापरवाह बिजली कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने, मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इसके अलावा गांव के बीच से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को आबादी क्षेत्र से बाहर शिफ्ट करने की मांग भी की गई है।
अधिकारी मौके पर पहुंचे
सूचना मिलने पर तहसीलदार जगदीश शर्मा और बिजली निगम के अधिकारी खेमराज बसवाल मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन लिखित आश्वासन मिलने तक धरना समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके चलते शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका है।