राजस्थान: खाकी पर दाग! मावा कारोबारियों से 2.20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप, दो कांस्टेबलों पर कार्रवाई
राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने डीएसटी टीम के दो कांस्टेबलों को रिश्वत मांगने के मामले में पकड़ा है। आरोपियों की पहचान बृजेश और ईश्वर सिंह के रूप में हुई है।
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राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएसटी टीम के दो कांस्टेबलों को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान बृजेश और ईश्वर सिंह के रूप में हुई है। दोनों पर मावा बनाने वाले एक व्यापारी से रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान ने बताया कि परिवादी ने एसीबी कार्यालय पहुंचकर दो कांस्टेबलों के खिलाफ शिकायत दी थी। उसने बताया कि वह मावा बनाने का कारोबार करता है और दोनों पुलिसकर्मी उससे कथित तौर पर रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उसका सत्यापन कर कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर डीएसटी टीम से जुड़े दोनों कांस्टेबलों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
परिवादी ने बताया कि आरोपी बृजेश ने कारखाने के माल को नष्ट करवाने से बचाने और कारखाना सीज नहीं करवाने के एवज में एक-दो दिन के भीतर एक लाख रुपये देने की मांग की थी। वहीं, आरोपी ईश्वर सिंह ने परिवादी के परिचित अन्य व्यक्तियों से भी 50-50 हजार रुपये लेकर डीएसटी कार्यालय आने को कहा था। ऐसा नहीं करने पर उनके कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी गई थी।
इस प्रकार, आरोपियों द्वारा परिवादी और सहपरिवादियों की फर्मों पर छापा नहीं डालने तथा तैयार माल नष्ट नहीं करवाने के एवज में रिश्वत की मांग कर उन्हें परेशान किया जा रहा था।
उक्त शिकायत का 21 अक्टूबर 2026 को सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी बृजेश, कांस्टेबल नंबर 210, और ईश्वर सिंह, कांस्टेबल नंबर 333, दोनों डीएसटी टीम, जिला खैरथल-तिजारा, द्वारा परिवादी और सहपरिवादियों की फर्मों पर कार्रवाई नहीं करने तथा तैयार माल नष्ट नहीं करवाने के एवज में कुल 2.20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने की बात स्पष्ट रूप से प्रमाणित पाई गई।
यह कार्रवाई एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान के नेतृत्व में की गई। वहीं, एसीबी के एसपी पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान ब्यूरो की टीम ने दोनों आरोपियों को पकड़कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी।
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रिश्वतखोरी के मामले में जांच शुरू
एसीबी की इस कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। रिश्वत की मांग किन परिस्थितियों में की गई और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकेगी। खैरथल-तिजारा जिले में डीएसटी टीम के दो कांस्टेबलों के रिश्वत मांगने के मामले में पकड़े जाने की घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, एसीबी की कार्रवाई और जांच से जुड़े विस्तृत तथ्यों का इंतजार है।
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