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जालंधर के निजी अस्पताल में सात साल के बच्चे की मौत: परिजनों का हंगामा, स्टाफ पर धक्का-मुक्की करने का आरोप
Tue, 22 Sep 2026 12:32 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: Nivedita
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:32 PM IST
सार
मृतक बच्चा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी तीन बहनें हैं। घटना के बाद परिवार अस्पताल के बाहर बैठकर इंसाफ की मांग कर रहा है।
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पुलिसकर्मी के गले लगकर बिलखती महिला
- फोटो : संवाद
विस्तार
जालंधर के अस्पताल में 7 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर बवाल काटा। परिवार का आरोप है कि बच्चे को सोमवार को छत से गिरने के बाद सिर में चोट लगने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें बच्चे की हालत की सही जानकारी नहीं दी गई और उससे मिलने भी नहीं दिया गया।
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मृतक बच्चे के पिता शमशेर ने रोते हुए आरोप लगाया कि उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उनसे कभी दवाइयों तो कभी टेस्ट के नाम पर हजारों रुपये जमा कराने को कहा जाता रहा, लेकिन बच्चे की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
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परिजनों के मुताबिक, जब उन्होंने बच्चे से मिलने की कोशिश की तो उन्हें पहले शाम 5 बजे, फिर 6 बजे और उसके बाद 7-8 बजे का समय दिया गया। शक होने पर जब परिवार ने अंदर जाने की कोशिश की तो उनका आरोप है कि अस्पताल के बाउंसरों और सिक्योरिटी गार्ड्स ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। परिवार के अनुसार, काफी मशक्कत के बाद जब बच्चे के चाचा अंदर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि बच्चे की मौत हो चुकी थी।
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परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चे की मौत के बाद भी अस्पताल की ओर से उनसे पैसे जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि यदि उन्हें समय रहते बच्चे की गंभीर हालत के बारे में बताया जाता या उसे डिस्चार्ज किया जाता, तो वे उसे किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने का प्रयास कर सकते थे।
मृतक बच्चा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी तीन बहनें हैं। घटना के बाद परिवार अस्पताल के बाहर बैठकर इंसाफ की मांग कर रहा है। 112 नंबर पर शिकायत मिलने के बाद थाना डिवीजन नंबर-2 की पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। पुलिस ने अस्पताल के अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया और दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की। थाना प्रभारी अनु ने बताया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है। परिजनों के बयानों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।