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कनाडा सरकार का बड़ा तोहफा: 2027 में दो लाख अस्थायी निवासियों को मिलेगा पीआर, भारतीयों की बढ़ी उम्मीदें
Sat, 07 Nov 2026 08:59 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
Published by: Nivedita
Updated Sat, 07 Nov 2026 08:59 AM IST
सार
सरकार ने वर्ष 2027 में अधिकतम 2,00,000 अस्थायी निवासियों को स्थायी निवासी का दर्जा यानी परमानेंट रेजिडेंसी (पीआर) देने के लिए एक विशेष, एकमुश्त संक्रमण योजना घोषित की है। यह फैसला खास तौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो कई वर्षों से कनाडा में रहकर नौकरी कर रहे हैं, टैक्स दे रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
कनाडा सरकार ने देश में पहले से रह रहे और काम कर रहे लोगों को स्थायी निवासी बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने वर्ष 2027 में अधिकतम 2,00,000 अस्थायी निवासियों को स्थायी निवासी का दर्जा यानी परमानेंट रेजिडेंसी (पीआर) देने के लिए एक विशेष, एकमुश्त संक्रमण योजना घोषित की है।
यह फैसला खास तौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो कई वर्षों से कनाडा में रहकर नौकरी कर रहे हैं, टैक्स दे रहे हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। इसका लाभ भारतीयों और विशेषकर पंजाब से गए युवाओं को मिलने की उम्मीद है। सरकार का मकसद ऐसे लोगों को स्थायित्व देना है जो कनाडा के समाज और श्रम बाजार का पहले ही हिस्सा बन चुके हैं। सरकार की योजना के तहत 2 लाख सीटों को दो हिस्सों में बांटा गया है।
पहली श्रेणी में अधिकतम 1 लाख श्रमिकों और उनके परिवारों को शामिल किया जाएगा। इनमें प्रांतीय नामांकन कार्यक्रम के लिए पात्र श्रमिक और कुछ चुनिंदा आर्थिक आव्रजन योजनाओं के तहत पहले से आवेदन कर चुके लोग शामिल होंगे। दूसरी श्रेणी में अधिकतम 1 लाख लोगों को मानवीय और पारिवारिक आधार पर राहत दी जाएगी। इसमें मानवीय आधार पर सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त आवेदक, कनाडा में रहने वाले नागरिकों और स्थायी निवासियों के पति-पत्नी तथा आश्रित बच्चे और यूक्रेन व हांगकांग से संबंधित कुछ विशेष आव्रजन योजनाओं के आवेदक शामिल हैं।
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इस फैसले का महत्व समझने के लिए कनाडा के आव्रजन विभाग के आंकड़े भी काफी अहम हैं। कनाडा सरकार की 31 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में स्थायी निवास के लिए कुल 7,15,340 आवेदन अभी अंतिम फैसले की प्रतीक्षा में थे। इनमें 2,56,555 आर्थिक श्रेणी, 1,67,170 पारिवारिक श्रेणी और 2,91,615 संरक्षण एवं मानवीय श्रेणी के आवेदन शामिल थे। इन सभी आवेदनों को लंबित कहना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा, क्योंकि इनमें प्रक्रिया के तहत चल रहे और निर्धारित सीमा के कारण प्रतीक्षा कर रहे दोनों तरह के आवेदन शामिल हैं।
दूसरी तरफ भारतीयों की कनाडा में मौजूदगी का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2025 में भारतीय नागरिकों के 2,15,250 वर्क परमिट प्रभावी हुए थे। यह संख्या नए परमिट और परमिट के विस्तार दोनों को मिलाकर है। भारतीय नागरिक कनाडा में वर्क परमिट पाने वाले सबसे बड़े राष्ट्रीय समूह रहे। हालांकि कनाडा सरकार ने लंबित पीआर आवेदनों में पंजाबियों की अलग से संख्या सार्वजनिक नहीं की है, इसलिए पंजाबियों के लंबित आवेदनों का कोई प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
इमिग्रेशन एक्सपर्ट पूजा सिंह के मुताबिक, इस योजना से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्होंने कनाडा में कई साल बिताए हैं, वहां रोजगार हासिल किया है और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दिया है। हालांकि आवेदकों को अपनी पात्रता और संबंधित श्रेणी की शर्तों को ध्यान में रखकर ही आगे की तैयारी करनी चाहिए, क्योंकि यह सभी वर्क परमिट या स्टूडेंट वीजा धारकों के लिए खुली पीआर योजना नहीं है।
इस एकमुश्त योजना के तहत मिलने वाली 2 लाख अतिरिक्त जगहें वर्ष 2027 के नियमित 3,80,000 पीआर लक्ष्य से अलग होंगी। यानी 2027 में नियमित लक्ष्य और इस विशेष योजना को मिलाकर अधिकतम 5,80,000 लोगों को स्थायी निवास मिल सकता है। पंजाब के उन हजारों परिवारों के लिए यह फैसला बड़ी उम्मीद बन सकता है जिनके बच्चे कनाडा में अस्थायी वीजा पर रह रहे हैं और लंबे समय से स्थायी निवास का इंतजार कर रहे हैं।
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यह फैसला खास तौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो कई वर्षों से कनाडा में रहकर नौकरी कर रहे हैं, टैक्स दे रहे हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। इसका लाभ भारतीयों और विशेषकर पंजाब से गए युवाओं को मिलने की उम्मीद है। सरकार का मकसद ऐसे लोगों को स्थायित्व देना है जो कनाडा के समाज और श्रम बाजार का पहले ही हिस्सा बन चुके हैं। सरकार की योजना के तहत 2 लाख सीटों को दो हिस्सों में बांटा गया है।
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पहली श्रेणी में अधिकतम 1 लाख श्रमिकों और उनके परिवारों को शामिल किया जाएगा। इनमें प्रांतीय नामांकन कार्यक्रम के लिए पात्र श्रमिक और कुछ चुनिंदा आर्थिक आव्रजन योजनाओं के तहत पहले से आवेदन कर चुके लोग शामिल होंगे। दूसरी श्रेणी में अधिकतम 1 लाख लोगों को मानवीय और पारिवारिक आधार पर राहत दी जाएगी। इसमें मानवीय आधार पर सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त आवेदक, कनाडा में रहने वाले नागरिकों और स्थायी निवासियों के पति-पत्नी तथा आश्रित बच्चे और यूक्रेन व हांगकांग से संबंधित कुछ विशेष आव्रजन योजनाओं के आवेदक शामिल हैं।
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इस फैसले का महत्व समझने के लिए कनाडा के आव्रजन विभाग के आंकड़े भी काफी अहम हैं। कनाडा सरकार की 31 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में स्थायी निवास के लिए कुल 7,15,340 आवेदन अभी अंतिम फैसले की प्रतीक्षा में थे। इनमें 2,56,555 आर्थिक श्रेणी, 1,67,170 पारिवारिक श्रेणी और 2,91,615 संरक्षण एवं मानवीय श्रेणी के आवेदन शामिल थे। इन सभी आवेदनों को लंबित कहना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा, क्योंकि इनमें प्रक्रिया के तहत चल रहे और निर्धारित सीमा के कारण प्रतीक्षा कर रहे दोनों तरह के आवेदन शामिल हैं।
दूसरी तरफ भारतीयों की कनाडा में मौजूदगी का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2025 में भारतीय नागरिकों के 2,15,250 वर्क परमिट प्रभावी हुए थे। यह संख्या नए परमिट और परमिट के विस्तार दोनों को मिलाकर है। भारतीय नागरिक कनाडा में वर्क परमिट पाने वाले सबसे बड़े राष्ट्रीय समूह रहे। हालांकि कनाडा सरकार ने लंबित पीआर आवेदनों में पंजाबियों की अलग से संख्या सार्वजनिक नहीं की है, इसलिए पंजाबियों के लंबित आवेदनों का कोई प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
इमिग्रेशन एक्सपर्ट पूजा सिंह के मुताबिक, इस योजना से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्होंने कनाडा में कई साल बिताए हैं, वहां रोजगार हासिल किया है और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दिया है। हालांकि आवेदकों को अपनी पात्रता और संबंधित श्रेणी की शर्तों को ध्यान में रखकर ही आगे की तैयारी करनी चाहिए, क्योंकि यह सभी वर्क परमिट या स्टूडेंट वीजा धारकों के लिए खुली पीआर योजना नहीं है।
इस एकमुश्त योजना के तहत मिलने वाली 2 लाख अतिरिक्त जगहें वर्ष 2027 के नियमित 3,80,000 पीआर लक्ष्य से अलग होंगी। यानी 2027 में नियमित लक्ष्य और इस विशेष योजना को मिलाकर अधिकतम 5,80,000 लोगों को स्थायी निवास मिल सकता है। पंजाब के उन हजारों परिवारों के लिए यह फैसला बड़ी उम्मीद बन सकता है जिनके बच्चे कनाडा में अस्थायी वीजा पर रह रहे हैं और लंबे समय से स्थायी निवास का इंतजार कर रहे हैं।