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पांच करोड़ रिश्वत का विवाद: सीएम भगवंत मान की पत्नी ने भेजा कानूनी नोटिस, खैरा ने फाड़ा; मजीठिया भी अड़े
Sat, 05 Sep 2026 11:29 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:29 AM IST
सार
पूरे मामले की शुरुआत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रणजीत सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों से हुई। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक दुष्कर्म मामले को दबाने और आरोपी को राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम पर पांच करोड़ रुपये की कथित मांग की गई।
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सुखपाल खैरा और बिक्रम मजीठिया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान के नाम पर एक मामले को निपटाने के लिए कथित रूप से पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोपों पर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब सीधे कानूनी टकराव में बदल गया है।
डॉ. गुरप्रीत कौर ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजकर 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कहा है। नोटिस में ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नोटिस मिलने के बाद खैरा ने इसे चुनौती देते हुए साफ कर दिया कि वह माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने संगरूर में अपने समर्थकों और मीडिया की मौजूदगी में कानूनी नोटिस की प्रति फाड़ दी और मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की चुनौती दी। खैरा ने कहा कि यदि उनके खिलाफ कार्रवाई करनी है तो की जाए। वे अदालत में सारे सबूत रखेंगे।
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उधर, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि वे सभी तथ्यों और सबूतों को जनता के सामने रख चुके हैं। उन्होंने चुनौती दी कि किसी कानूनी कार्रवाई से डरने के बजाय वे इस मामले में अदालत के भीतर भी सच सामने लाएंगे। उनके अनुसार हालांकि उन्हें अभी नोटिस की प्रति मिली नहीं है मगर वे सीएम की पत्नी के लीगल नोटिस का स्वागत करेंगे।
दरअसल, पूरे मामले की शुरुआत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रणजीत सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों से हुई। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक दुष्कर्म मामले को दबाने और आरोपी को राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम पर पांच करोड़ रुपये की कथित मांग की गई। इन आरोपों को डॉ. गुरप्रीत कौर पहले ही पूरी तरह बेबुनियाद बता चुकी हैं और जस्टिस रणजीत सिंह को भी कानूनी नोटिस भेज चुकी हैं।
मजीठिया ने जारी किए ऑडियो-वीडियो
मजीठिया ने प्रेसवार्ता कर कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए। उनका दावा है कि रिकॉर्डिंग में दुष्कर्म के आरोपी से जुड़े कथित बिचौलिये और मुख्यमंत्री की पत्नी के एक रिश्तेदार के बीच पैसों को लेकर बातचीत हुई है। संबंधित व्यक्ति ने भी आरोपों से दूरी बनाते हुए मुख्यमंत्री की पत्नी से मुलाकात या रिश्वत की पेशकश से इनकार किया है।
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डॉ. गुरप्रीत कौर ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजकर 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कहा है। नोटिस में ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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नोटिस मिलने के बाद खैरा ने इसे चुनौती देते हुए साफ कर दिया कि वह माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने संगरूर में अपने समर्थकों और मीडिया की मौजूदगी में कानूनी नोटिस की प्रति फाड़ दी और मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की चुनौती दी। खैरा ने कहा कि यदि उनके खिलाफ कार्रवाई करनी है तो की जाए। वे अदालत में सारे सबूत रखेंगे।
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उधर, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि वे सभी तथ्यों और सबूतों को जनता के सामने रख चुके हैं। उन्होंने चुनौती दी कि किसी कानूनी कार्रवाई से डरने के बजाय वे इस मामले में अदालत के भीतर भी सच सामने लाएंगे। उनके अनुसार हालांकि उन्हें अभी नोटिस की प्रति मिली नहीं है मगर वे सीएम की पत्नी के लीगल नोटिस का स्वागत करेंगे।
दरअसल, पूरे मामले की शुरुआत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रणजीत सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों से हुई। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक दुष्कर्म मामले को दबाने और आरोपी को राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम पर पांच करोड़ रुपये की कथित मांग की गई। इन आरोपों को डॉ. गुरप्रीत कौर पहले ही पूरी तरह बेबुनियाद बता चुकी हैं और जस्टिस रणजीत सिंह को भी कानूनी नोटिस भेज चुकी हैं।
मजीठिया ने जारी किए ऑडियो-वीडियो
मजीठिया ने प्रेसवार्ता कर कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए। उनका दावा है कि रिकॉर्डिंग में दुष्कर्म के आरोपी से जुड़े कथित बिचौलिये और मुख्यमंत्री की पत्नी के एक रिश्तेदार के बीच पैसों को लेकर बातचीत हुई है। संबंधित व्यक्ति ने भी आरोपों से दूरी बनाते हुए मुख्यमंत्री की पत्नी से मुलाकात या रिश्वत की पेशकश से इनकार किया है।