पीलीभीत के अमरिया कस्बे में सोमवार रात हुए तिहरे हत्याकांड की वजह रामलीला कमेटी में चंदे का हिसाब-किताब रहा। अध्यक्ष के निधन के बाद उनके चचेरे भाई को यह जिम्मेदारी मिली जिसे विरोधी पचा नहीं पा रहे थे। यही वजह रही जो वे लगातार कई बैठकों में हंगामा कर रहे थे। इस बार की बैठक में वे असलहों के साथ आए थे। दूसरा पक्ष इस बारे में अनभिज्ञ था, इसी वजह से उन्हीं के तीन लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा।
रामलीला कमेटी की अध्यक्षता को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद पहले से थे। पहले नरेश गुप्ता कमेटी के अध्यक्ष थे। उनके निधन के बाद उनके चचेरे भाई चंद्रप्रकाश गुप्ता को मेला अध्यक्ष चुना गया। दूसरे पक्ष के कौशल गुप्ता ने भी पदाधिकारी बनने की दावेदारी ठोंकी थी। इसीलिए कौशल पक्ष की ओर से चंद्रप्रकाश गुप्ता से रामलीला कमेटी के चंदे की जानकारी व आय-व्यय का हिसाब मांगा जा रहा था।
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पीलीभीत में ट्रिपल मर्डर के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ती गई। बताया गया कि कुछ समय पहले भी इस मामले को लेकर बैठक तय हुई थी। तभी कस्बे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, उसमें कौशल गुप्ता पक्ष के लोग पहुंचे, जबकि चंद्रप्रकाश गुप्ता पक्ष के लोग गमी की बात कहकर शामिल नहीं हुए। इससे दोनों पक्षों के बीच रंजिश और गहरा गई। इसके बाद 18 सितंबर को बैठक हुई, जिसमें फिर मामला टल गया।
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पीलीभीत में ट्रिपल मर्डर के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस
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नहीं निकला नतीजा तो कौशल पक्ष ने की फायरिंग
सोमवार रात कस्बे के एक बरातघर में चंद्रप्रकाश पक्ष के अमित गुप्ता ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाई। यहां बातचीत के दौरान कहासुनी बढ़ी तो बैठक समाप्त हो गई। चंद्रप्रकाश पक्ष के लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे।
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पीलीभीत में ट्रिपल मर्डर के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोप है कि पहले से बवाल का मन बनाए बैठे कौशल पक्ष ने सिटी गेट के पास फायरिंग कर दी। इससे कस्बे में सनसनी फैल गई। घटना के वाद कस्वे में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। एएसपी हिमांशु गौरव और सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल समेत पुलिस बल ने घटनास्थल का जायजा लिया।
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पीलीभीत में ट्रिपल मर्डर
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परिजन में गुस्सा, कार्रवाई की मांग
फायरिंग की घटना के बाद मृतकों के परिजन में आक्रोश दिखाई दिया। अचानक हुई वारदात से परिवारों में चीखपुकार मच गई। परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे। पुलिस ने रात में ही धरपकड़ शुरू कर दी। वहीं, आरोपी पक्ष की कार में भी तोड़फोड़ की गई है।