करि आरती अरघ तिन्ह दीन्हा। रामहि देखि परम सुख लीन्हा॥ रामचरितमानस की यह चौपाई बुधवार शाम भावना एस्टेट स्थित जनकपुरी महोत्सव में साकार होती दिखाई दी। चौपाई का भाव है कि प्रभु श्रीराम की आरती उतारकर उन्हें अर्घ्य अर्पित किया गया और उनके दर्शन कर सभी ने परम सुख प्राप्त किया। जनक मंच पर भी ऐसा ही भक्तिमय दृश्य था। प्रभु श्रीराम, माता सीता और चारों भाइयों के दिव्य स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। चारों ओर जय श्रीराम का जयघोष गूंजता रहा।
राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल के साथ जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार और अनीता यादव ने प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और माता सीता के स्वरूपों की विधिवत आरती उतारी। आरती की लौ के बीच प्रभु श्रीराम का दिव्य स्वरूप और जनक मंच की भव्य सज्जा श्रद्धालुओं को त्रेता युग की मिथिला की अनुभूति करा रही थी। श्रद्धालु हाथ जोड़कर प्रभु के दर्शन करते रहे। रामचरितमानस की चौपाई सिय मनु राम चरण अनुरागा भी इस दृश्य के भाव को और गहरा कर रही थी। इसका भाव है कि माता सीता का मन श्रीराम के चरणों में अनुरक्त हो गया था। जनक मंच पर राम और सीता के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालुओं को इसी पवित्र अनुराग और राम-सीता मिलन की प्रतीक्षा का भाव अनुभव हुआ।
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जनकपुरी में उमड़ी भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रभु श्रीराम सूर्य तिलक से सुसज्जित दिव्य मुकुट और मनोहारी श्रृंगार में लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ मंच पर विराजमान हुए। उनके मस्तक पर दमकता सूर्य तिलक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। ऐसा लग रहा था जैसे सूर्यवंश के तिलक स्वयं राम के रूप में मिथिला की धरती पर पधारकर जनकपुरी को अपने तेज से आलोकित कर रहे हों। राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल और रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल भी मंच पर उपस्थित रहे। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने अपनी भावपूर्ण काव्य प्रस्तुति से राम के मिथिला आगमन की अनुभूति को शब्द दिए। देखो अपने रामलला मिथिला आए हैं, हमारे राम आ गए हैं... जैसी भावपूर्ण पंक्तियां गूंजते ही श्रद्धालु भक्ति में डूब गए और पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। मंच संचालन दीपक जैन ने किया।
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जनकपुरी में उमड़ी भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भावना एस्टेट स्थित जनकपुरी महोत्सव का पूरा परिसर मिथिला की छवि में सजा था। महलनुमा जनक मंच, विशाल शंकर द्वार, आकर्षक विद्युत सज्जा, सड़कों के किनारे लिखी रामचरितमानस की चौपाइयां और रामायण के प्रसंगों की झांकियां श्रद्धालुओं को त्रेता युग की स्मृतियों से जोड़ रही थीं। एक ओर जनक मंच पर प्रभु श्रीराम और माता सीता के दर्शन हो रहे थे तो दूसरी ओर सांस्कृतिक मंच पर भारतीय कला और संस्कृति की प्रस्तुतियां दर्शकों को आकर्षित कर रही थीं। ‘इंडिया गॉट टैलेंट’ की विशेष प्रस्तुति और गणेश वंदना ने वातावरण को भक्तिरस से भर दिया।
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जनकपुरी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि आगरा में 149 वर्ष पहले शुरू हुई रामलीला की परंपरा आज भी श्रद्धा और भव्यता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने सेठ कोकामल के योगदान को याद करते हुए रामलीला से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आगरा की रामबारात की भव्यता पूरे देश में विशिष्ट है। भगवान श्रीराम का जीवन आज भी समाज को मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्य और परिवार के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है।
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जनकपुरी में चारों भाइयों के स्वरूप।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र, मधु बघेल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बृज बहादुर, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार, जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव और स्वागत अध्यक्ष अरविंद शर्मा मौजूद रहे। आयोजन समिति की ओर से अजय गर्ग, नरेंद्र सिंह सेंगर, अशोक गुप्ता, मनोज बंसल,भूपेंद्र सारस्वत,पंकज पाठक, संतोष कटारा, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानियां, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह, आकाश ग्वाला, पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।