मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलीबारी की घटना ने संगठित अपराध पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंधों की जांच चल रही है। पंजाब से कनाडा, अमेरिका और यूरोप तक फैले गैंगस्टर तंत्र की चर्चा तेज हो गई है। इन आपराधिक जालों पर हत्या, फिरौती और अवैध हथियारों की आपूर्ति जैसे गंभीर आरोप हैं।
पंजाब पुलिस ने जनवरी 2026 में विदेश में मौजूद 61 वांछित गैंगस्टरों की सूची तैयार की थी। अप्रैल 2026 में सरकार ने 28 सर्वाधिक वांछित गैंगस्टरों पर इनाम घोषित किए। गुजरात की साबरमती केंद्रीय जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई देश के चर्चित गैंगस्टरों में से एक है।
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लॉरेंस बिश्नोई
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उसका नाम सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड और फिल्मी हस्तियों को धमकाने में सामने आया है। गोल्डी बराड़ और अनमोल बिश्नोई भी उसके कथित तंत्र का हिस्सा रहे हैं। दविंदर बंबीहा गिरोह और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विता है। वर्ष 2016 में दविंदर बंबीहा की मौत के बाद भी उसका गिरोह सक्रिय रहा। गौरव उर्फ लकी पटियाल को इस गिरोह का प्रमुख विदेशी संचालक बताया गया है।
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जग्गू भगवानपुरिया और लॉरेंस बिश्नोई
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प्रमुख गैंगस्टर और उनकी गतिविधियां
जग्गू भगवानपुरिया पंजाब के माझा क्षेत्र से जुड़ा एक चर्चित नाम है। उस पर हत्या, रंगदारी और मादक पदार्थों से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। वह सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का भी आरोपी है। अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला विदेश से गतिविधियां संचालित करने वाला वांछित आरोपी है। भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया है। लखबीर सिंह लंडा और हरविंदर सिंह रिंदा भी गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल हैं।
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जग्गू भगवानपुरिया।
- फोटो : संवाद
अपराध का बढ़ता दायरा
पंजाब में संगठित अपराध का असर अब संगीत उद्योग और कारोबारियों तक सीमित नहीं है। मोहाली में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान राणा बलाचौरिया की हत्या ने खेल आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। पुलिस जांच में डोनी बाल और लकी पटियाल गिरोहों की भूमिका सामने आई थी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप नांगल अंबिया की हत्या ने भी खेल जगत को झकझोर दिया। ये घटनाएं बताती हैं कि आपराधिक गिरोह आर्थिक हितों पर वर्चस्व के लिए हिंसा का सहारा ले रहे हैं। पंजाब के आपराधिक इतिहास में विक्की गौंडर और सुखा काहलवां जैसे नाम भी रहे हैं।