चक्कर आने की समस्या बहुत कॉमन है, आमतौर पर इसे थकान और शरीर में पानी की कमी से जोड़कर देखा जाता रहा है। इसमें अचानक खड़े होते ही सिर घूमने लगता है, चलते समय शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है या ऐसा महसूस होता है जैसे आसपास की चीजें घूम रही हों।
चक्कर आना: बार-बार सिर घूमने के पीछे हो सकते हैं ये कारण, जानिए कब ये खतरे का संकेत
बार-बार चक्कर आने का मतलब हमेशा लो ब्लड प्रेशर नहीं होता। पानी की कमी, लो शुगर, एनीमिया, माइग्रेन, अंदरूनी कान की बीमारी और दवाओं के कारण भी चक्कर आ सकते हैं। अगर चक्कर के साथ कमजोरी, सुन्नपन, बोलने या देखने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टरी मदद लेना जरूरी है।
लो ब्लड प्रेशर की समस्या
बैठे या लेटे रहने के बाद अचानक खड़े होने पर ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए लो सकता है। इसे पोस्टुरल या ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन कहा जाता है। इसमें चक्कर, कमजोरी या आंखों के सामने अंधेरा जैसा महसूस हो सकता है। आमतरौ पर इस तरह की समस्याओं के लिए शरीर में पानी की कमी, गर्मी और कुछ दवाओं को कारण माना जाता है।
- जब ब्लड प्रेशर 90/60 से कम हो जाता है, तो इसे लो बीपी या हाइपोटेंशन कहते हैं। इसके कारण मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन और रक्त नहीं पहुंच पाता और चक्कर आने लगते हैं।
कानों की समस्या के कारण घूम सकता है सिर
अगर चक्कर के साथ ऐसा लगे कि कमरा या आसपास की चीजें घूम रही हैं, तो अंदरूनी कान की समस्या इसकी एक वजह हो सकती है। लैबिरिंथाइटिस आंतरिक कान का एक संक्रमण है, जो संतुलन और सुनने की क्षमता को प्रभावित करता है।
- लैबिरिंथाइटिस जैसी स्थिति में चक्कर के साथ मतली, उल्टी या सुनने में दिक्कत भी हो सकती है।
- कुछ लोगों में माइग्रेन, लो ब्लड शुगर और आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया भी चक्कर की समस्या का बढ़ाने वाला हो सकता है।
इन लक्षणों के साथ चक्कर आए तो हो जाएं सावधान
चक्कर के साथ बोलने या सुनने में परेशानी, डबल विजन, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन जैसी समस्या हो तो इसपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है।
- बेहोशी, तेज सिरदर्द या चलने में गंभीर परेशानी हो तो इसे सामान्य न मानें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है।
- बार-बार चक्कर आने पर डॉक्टर लक्षणों के आधार पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, खून की जांच, कान की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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