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महिलाएं ध्यान दें: प्रोटीन की कमी है तो डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें
Thu, 10 Sep 2026 02:08 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 10 Sep 2026 02:08 PM IST
सार
Best Protein Veg Sources: महिलाओं के शरीर में अक्सर प्रोटीन की कमी देखी जाती है। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे शाकाहारी विकल्प बताएंगे, जो आपके काम के होने वाले हैं।
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प्रोटीन की कमी है तो डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें
- फोटो : AI
Best Protein Veg Sources: शरीर को स्वस्थ रखने, मांसपेशियों की मरम्मत, हार्मोन और इम्यून सिस्टम के सामान्य कामकाज के लिए प्रोटीन एक जरूरी पोषक तत्व है। लेकिन कई बार व्यस्त दिनचर्या और संतुलित डाइट की कमी के कारण महिलाओं के भोजन में पर्याप्त प्रोटीन शामिल नहीं हो पाता। खासतौर पर शाकाहारी महिलाओं को लगता है कि प्रोटीन के लिए उनके पास सीमित विकल्प हैं। हालांकि ऐसा नहीं है।
प्रोटीन की कमी है तो डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें
- फोटो : AI
शाकाहारी महिलाएं ऐसे पूरी करें प्रोटीन की कमी
दालें: मूंग, मसूर, अरहर और उड़द जैसी दालें रोजाना की डाइट में प्रोटीन बढ़ाने का आसान तरीका हैं। इन्हें दाल, खिचड़ी या सूप के रूप में लिया जा सकता है।
चना और राजमा: चना, काबुली चना और राजमा प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर भी देते हैं। इन्हें सलाद, सब्जी या चाट के रूप में खाया जा सकता है।
दालें: मूंग, मसूर, अरहर और उड़द जैसी दालें रोजाना की डाइट में प्रोटीन बढ़ाने का आसान तरीका हैं। इन्हें दाल, खिचड़ी या सूप के रूप में लिया जा सकता है।
चना और राजमा: चना, काबुली चना और राजमा प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर भी देते हैं। इन्हें सलाद, सब्जी या चाट के रूप में खाया जा सकता है।
प्रोटीन की कमी है तो डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें
- फोटो : AI
सोयाबीन: सोयाबीन शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इससे बने सोया चंक्स या अन्य सोया खाद्य पदार्थों को संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है।
टोफू: टोफू सोयाबीन से बनाया जाता है और यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो मांसाहारी भोजन नहीं खाते। इसे सब्जी, सलाद या सैंडविच में शामिल किया जा सकता है।
टोफू: टोफू सोयाबीन से बनाया जाता है और यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो मांसाहारी भोजन नहीं खाते। इसे सब्जी, सलाद या सैंडविच में शामिल किया जा सकता है।
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प्रोटीन की कमी है तो डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें
- फोटो : AI
पनीर: पनीर में प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी पाया जाता है। हालांकि इसमें वसा भी हो सकती है, इसलिए मात्रा और प्रकार का चुनाव अपनी जरूरत के अनुसार करें।
दूध और दही: दूध और दही रोजाना की डाइट में प्रोटीन शामिल करने के आसान विकल्प हैं। बिना ज्यादा चीनी वाला दही बेहतर विकल्प हो सकता है।
मूंगफली और बीज: मूंगफली, कद्दू के बीज, चिया सीड्स और अलसी जैसे विकल्पों में प्रोटीन के साथ कुछ जरूरी फैट भी पाए जाते हैं। इनका सेवन सीमित मात्रा में करें।
दूध और दही: दूध और दही रोजाना की डाइट में प्रोटीन शामिल करने के आसान विकल्प हैं। बिना ज्यादा चीनी वाला दही बेहतर विकल्प हो सकता है।
मूंगफली और बीज: मूंगफली, कद्दू के बीज, चिया सीड्स और अलसी जैसे विकल्पों में प्रोटीन के साथ कुछ जरूरी फैट भी पाए जाते हैं। इनका सेवन सीमित मात्रा में करें।
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प्रोटीन की कमी है तो डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें
- फोटो : AI
प्रोटीन लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
सिर्फ एक ही खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग शाकाहारी प्रोटीन स्रोतों को डाइट में शामिल करना बेहतर है। इसके अलावा हमेशा याद रखें कि प्रोटीन की जरूरत हर महिला की उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। अगर किसी महिला को लंबे समय से कमजोरी, थकान या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो केवल प्रोटीन की कमी मानकर खुद से सप्लीमेंट लेना सही नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
सिर्फ एक ही खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग शाकाहारी प्रोटीन स्रोतों को डाइट में शामिल करना बेहतर है। इसके अलावा हमेशा याद रखें कि प्रोटीन की जरूरत हर महिला की उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। अगर किसी महिला को लंबे समय से कमजोरी, थकान या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो केवल प्रोटीन की कमी मानकर खुद से सप्लीमेंट लेना सही नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।