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राहुल गांधी का मध्यप्रदेश को लेकर तंज: बोले- स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त, जनता दे रही फीडबैक
Thu, 17 Sep 2026 05:00 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Thu, 17 Sep 2026 05:00 PM IST
सार
इंदौर आ रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल बताया। उन्होंने बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के मुद्दे पर सरकार की संवेदनहीनता को कटघरे में खड़ा किया।
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राहुल गांधी और मुख्यमंत्री मोहन यादव।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
19 सितंबर को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए इंदौर आ रहे हैं। इससे पहले उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि मध्यप्रदेश में छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं - हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं है। उन्होंने इंदौर के लोगों से अपील करते हुए कहा कि मैं इंदौर आ रहा हूं और लगातार प्रदेश के छात्रों, युवाओं और आम लोगों से फीडबैक ले रहा हूं। सामने आ रही भयावह घटनाएं बता रही हैं कि मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज देश भर में सबसे ज्यादा बर्बाद है। इस पोस्ट में उन्होंने बालाघाट में कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की जान जाने के मामले को भी उठाया है।
राहुल गांधी का ट्वीट
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
राहुल गांधी ने यह ट्वीट किया...
बालाघाट में 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही। मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए। बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था नन्हें बच्चों की जान ले रही है। मिलावटी दवाइयां और जहरीली अवैध शराब सैकड़ों परिवारों को तबाह कर रही हैं। मैं इंदौर आ रहा हूं और लगातार प्रदेश के छात्रों, युवाओं और आम लोगों से feedback ले रहा हूं। सामने आ रही भयावह घटनाएं बता रही हैं कि मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज देश भर में सबसे ज्यादा बर्बाद है। छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं - हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं। मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे कुशासित सरकार है - यही सच्चाई है।
30 से अधिक बच्चों की मौत, कई संक्रमित
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले (विशेषकर बिरसा विकासखंड के बैगा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों) में 30 से अधिक विशेष संरक्षित जनजातीय (बैगा) बच्चों की मौत और बड़ी संख्या में बच्चों के गंभीर रूप से बीमार होने का मामला सामने आया है। इस इलाके में बच्चों में गंभीर कुपोषण (SAM), खून की कमी (एनीमिया) और कम वजन की समस्या पहले से मौजूद थी। इसके साथ ही क्षेत्र में खसरा (Measles), मलेरिया, निमोनिया और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलीं। कमजोर और कुपोषित शरीर होने के कारण बच्चे इन संक्रमणों को झेल नहीं पाए।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी सर्वे में जिले भर में हजारों बच्चे मध्यम और गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए हैं। 400 से अधिक बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा, जिसके चलते जिला अस्पताल में बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तक करनी पड़ी।
इन कमियों ने बच्चों की जान ली...
ग्रामीण इलाकों में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं न मिलना, पीने के साफ पानी का अभाव और टीकाकरण कवरेज में खामियों के आरोप लग रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने ICMR और विशेषज्ञों की टीम बालाघाट भेजी है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Jabalpur Bench) ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और बालाघाट कलेक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला मुख्य रूप से कुपोषण, बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और संक्रामक बीमारियों के एक साथ फैलने की गंभीर वजह से खड़ा हुआ है।
19 को छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गाधी
राहुल गांधी इंदौर में 19 सितंबर को आएंगे और छात्रों से गूंज कार्यक्रम में संवाद करेंगे। रीजनल पार्क के पास हो रहे इस कार्यक्रम के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। आयोजन में हजारों लोगों के आने की संभावना बताई जा रही है।
बालाघाट में 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही। मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए। बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था नन्हें बच्चों की जान ले रही है। मिलावटी दवाइयां और जहरीली अवैध शराब सैकड़ों परिवारों को तबाह कर रही हैं। मैं इंदौर आ रहा हूं और लगातार प्रदेश के छात्रों, युवाओं और आम लोगों से feedback ले रहा हूं। सामने आ रही भयावह घटनाएं बता रही हैं कि मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज देश भर में सबसे ज्यादा बर्बाद है। छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं - हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं। मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे कुशासित सरकार है - यही सच्चाई है।
30 से अधिक बच्चों की मौत, कई संक्रमित
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले (विशेषकर बिरसा विकासखंड के बैगा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों) में 30 से अधिक विशेष संरक्षित जनजातीय (बैगा) बच्चों की मौत और बड़ी संख्या में बच्चों के गंभीर रूप से बीमार होने का मामला सामने आया है। इस इलाके में बच्चों में गंभीर कुपोषण (SAM), खून की कमी (एनीमिया) और कम वजन की समस्या पहले से मौजूद थी। इसके साथ ही क्षेत्र में खसरा (Measles), मलेरिया, निमोनिया और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलीं। कमजोर और कुपोषित शरीर होने के कारण बच्चे इन संक्रमणों को झेल नहीं पाए।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी सर्वे में जिले भर में हजारों बच्चे मध्यम और गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए हैं। 400 से अधिक बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा, जिसके चलते जिला अस्पताल में बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तक करनी पड़ी।
इन कमियों ने बच्चों की जान ली...
ग्रामीण इलाकों में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं न मिलना, पीने के साफ पानी का अभाव और टीकाकरण कवरेज में खामियों के आरोप लग रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने ICMR और विशेषज्ञों की टीम बालाघाट भेजी है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Jabalpur Bench) ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और बालाघाट कलेक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला मुख्य रूप से कुपोषण, बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और संक्रामक बीमारियों के एक साथ फैलने की गंभीर वजह से खड़ा हुआ है।
19 को छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गाधी
राहुल गांधी इंदौर में 19 सितंबर को आएंगे और छात्रों से गूंज कार्यक्रम में संवाद करेंगे। रीजनल पार्क के पास हो रहे इस कार्यक्रम के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। आयोजन में हजारों लोगों के आने की संभावना बताई जा रही है।
