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ग्वालियर: सिंधिया के कार्यक्रम में दिखाए काले झंडे, भूमिपूजन में चले लात-घूंसे, पुलिस ने संभाला मोर्चा
Mon, 21 Sep 2026 11:43 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:43 PM IST
सार
ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में काले झंडे दिखाए जाने के बाद हंगामा हो गया। कुशवाहा छात्रावास के भूमिपूजन के दौरान विरोध कर रहे लोगों और सिंधिया समर्थकों के बीच विवाद के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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ज्योतिरादित्य के कार्यक्रम में दिखाए काले झंडे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्वालियर में सोमवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हो गया। बेला की बावड़ी स्थित कुशवाहा छात्रावास के भूमिपूजन समारोह में सिंधिया के भाषण के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध किया। विरोध के बाद सिंधिया समर्थकों और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
बताया जा रहा है कि काले झंडे दिखाकर विरोध करने वाले लोगों को ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह के समर्थक बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रावास के लिए आवंटित जमीन कुशवाह समाज के लिए है। ऐसे में भूमिपूजन कार्यक्रम में समाज से जुड़े किसी नेता या जनप्रतिनिधि को मुख्य अतिथि बनाया जाना चाहिए था। इसी मुद्दे को लेकर कुछ लोगों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया।
प्रदर्शन में शामिल हरिओम कुशवाह ने आरोप लगाया कि छात्रावास के लिए जमीन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आवंटित की गई थी। उनका कहना है कि समाज के कार्यक्रम में समाज से जुड़े नेताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि नारायण सिंह कुशवाह, भारत सिंह कुशवाह या समाज से जुड़े अन्य जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाया जा सकता था।
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हरिओम कुशवाह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने केवल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को काले झंडे दिखाए थे और किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ विरोध नहीं किया। उनके मुताबिक इसके बाद सिंधिया समर्थकों और उनके साथ आए लोगों के बीच विवाद हुआ। उन्होंने मारपीट, कुर्सियां तोड़े जाने और कुछ लोगों के घायल होने का भी दावा किया है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि उनका प्रदर्शन केवल सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने के विरोध में था। उन्होंने मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हरिओम के मुताबिक इस संबंध में पुलिस से भी बात हुई है और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
ये भी पढ़ें: भिंड: दोस्त ने पार्टी के बहाने बुलाया, शराब पिलाई फिर चलते ट्रक के सामने दिया धक्का, हादसे की साजिश बेनकाब
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को थाने ले गई। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं।
अंडरग्राउंड पार्किंग का भी निरीक्षण
इसी दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के बाड़े पर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार हो रही अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी को पार्किंग का काम फरवरी-मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया, कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी सहित प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। एक ही दौरे में जहां सिंधिया के कार्यक्रम में काले झंडे दिखाए जाने से राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ, वहीं शहर की महत्वपूर्ण अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
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बताया जा रहा है कि काले झंडे दिखाकर विरोध करने वाले लोगों को ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह के समर्थक बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रावास के लिए आवंटित जमीन कुशवाह समाज के लिए है। ऐसे में भूमिपूजन कार्यक्रम में समाज से जुड़े किसी नेता या जनप्रतिनिधि को मुख्य अतिथि बनाया जाना चाहिए था। इसी मुद्दे को लेकर कुछ लोगों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया।
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प्रदर्शन में शामिल हरिओम कुशवाह ने आरोप लगाया कि छात्रावास के लिए जमीन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आवंटित की गई थी। उनका कहना है कि समाज के कार्यक्रम में समाज से जुड़े नेताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि नारायण सिंह कुशवाह, भारत सिंह कुशवाह या समाज से जुड़े अन्य जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाया जा सकता था।
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हरिओम कुशवाह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने केवल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को काले झंडे दिखाए थे और किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ विरोध नहीं किया। उनके मुताबिक इसके बाद सिंधिया समर्थकों और उनके साथ आए लोगों के बीच विवाद हुआ। उन्होंने मारपीट, कुर्सियां तोड़े जाने और कुछ लोगों के घायल होने का भी दावा किया है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि उनका प्रदर्शन केवल सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने के विरोध में था। उन्होंने मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हरिओम के मुताबिक इस संबंध में पुलिस से भी बात हुई है और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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विवाद बढ़ने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को थाने ले गई। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं।
अंडरग्राउंड पार्किंग का भी निरीक्षण
इसी दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के बाड़े पर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार हो रही अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी को पार्किंग का काम फरवरी-मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया, कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी सहित प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। एक ही दौरे में जहां सिंधिया के कार्यक्रम में काले झंडे दिखाए जाने से राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ, वहीं शहर की महत्वपूर्ण अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
