फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Negligence regarding medicines and medical devices: AIIMS outlines safe usage methods and how to report advers

एम्स ने बताया दवा और चिकित्सा उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल का तरीका, रिएक्शन होने पर रिपोर्ट करें

Sun, 27 Sep 2026 06:46 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 27 Sep 2026 06:46 PM IST
सार

एम्स भोपाल ने दवाओं और मेडिकल उपकरणों के सुरक्षित उपयोग पर जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को सेल्फ-मेडिकेशन से बचने और किसी भी प्रतिकूल घटना को टोल-फ्री नंबर 1800-180-3024 या ऐप पर रिपोर्ट करने की सलाह दी गई। यह अभियान राष्ट्रीय औषध सुरक्षा सप्ताह के तहत आयोजित था।

विज्ञापन
Negligence regarding medicines and medical devices: AIIMS outlines safe usage methods and how to report advers
एम्स भोपाल का जागरूकता अभियान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दवा बीमारी ठीक करने के लिए होती है, लेकिन उसका गलत इस्तेमाल परेशानी बढ़ा सकता है। इसी तरह चिकित्सा उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी नहीं बरतने पर भी मरीज की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी को लेकर एम्स भोपाल ने रातीबड़ में लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। एम्स भोपाल के औषध विज्ञान विभाग ने सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के सहयोग से आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रातीबड़ में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें लोगों को दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के सुरक्षित और तर्कसंगत इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
विज्ञापन


हर दवा हर मरीज के लिए नहीं
कार्यक्रम में लोगों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा लेने की समझाइश दी गई। बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवा लेने यानी सेल्फ-मेडिकेशन से बचने की अपील की गई। विशेषज्ञों ने दवा के इस्तेमाल के बाद होने वाली किसी भी संदिग्ध प्रतिकूल घटना को नजरअंदाज नहीं करने की जानकारी दी।
विज्ञापन


उपकरण में गड़बड़ी या प्रतिकूल घटना भी करें रिपोर्ट
एम्स की टीम ने बताया कि सिर्फ दवाओं से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं की ही निगरानी नहीं होती, बल्कि चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी घटनाओं की भी सूचना दी जा सकती है। इसका उद्देश्य दवाओं और उपकरणों से जुड़े जोखिमों की पहचान कर मरीजों की सुरक्षा को बेहतर करना है। लोगों को इसके लिए 1800-180-3024 टोल-फ्री हेल्पलाइन, पीवीपीआई मोबाइल एप और उपभोक्ता रिपोर्टिंग फॉर्म की जानकारी दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून का आखिरी अटैक: सात जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, डैमों के गेट खुले, अब तक 35.6 इंच पानी


एमपी-छत्तीसगढ़ में निगरानी की जिम्मेदारी
एम्स भोपाल का औषध विज्ञान विभाग मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए औषध सुरक्षा निगरानी कार्यक्रम और चिकित्सा उपकरण सुरक्षा निगरानी कार्यक्रम के तहत विभिन्न निगरानी और प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में काम करता है। यह अभियान 17 से 23 सितंबर तक मनाए गए छठे राष्ट्रीय औषध सुरक्षा निगरानी सप्ताह का हिस्सा था। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल तथा प्रतिकूल घटनाओं की सूचना देने को बढ़ावा देने की शपथ ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed