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भोपाल: फर्जी IAS तृप्ति पर तीसरी एफआईआर दर्ज, नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे तीन लाख, फर्जी ट्रेनिंग भी दिलाई

Mon, 14 Sep 2026 10:26 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रिया वर्मा Updated Mon, 14 Sep 2026 10:26 AM IST
सार

फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत के खिलाफ पुलिस ने तीसरी प्राथमिकी दर्ज की है। 28 वर्षीय युवती ने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये लेने और फर्जी प्रशिक्षण कराने का आरोप लगाया है।

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Bhopal: Fake IAS Officer Trupti Faces Third FIR, Accused of Taking Rs 3 Lakh for Job
फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत के खिलाफ पुलिस ने तीसरी प्राथमिकी दर्ज की है। जहांगीराबाद निवासी और बैतूल मूल की 28 वर्षीय ख्याति धौलपुरे ने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये लेने और फर्जी प्रशिक्षण कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तृप्ति और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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फर्जी पहचान और नौकरी का झांसा
पीड़िता के अनुसार जून 2024 में उसकी मुलाकात तृप्ति से हुई थी। उस समय तृप्ति ने खुद को नरोन्हा अकादमी की विभागाध्यक्ष और एमपीटी में अतिरिक्त निदेशक बताया था। नौकरी लगवाने के नाम पर उसने तीन लाख रुपये ऐंठे। बाद में ठगी का अहसास होने पर जब पीड़िता ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने टालमटोल की, लेकिन बाद में तीन लाख रुपये लौटा दिए।
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संग्रहालयों में कराया फर्जी प्रशिक्षण
तृप्ति ने ख्याति और उसकी सहेली को भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम तथा मानव संग्रहालय ले जाकर पौधरोपण और भाषण कराया। इस अवधि में उसने वीडियो भी बनाए। ख्याति का आरोप है कि तृप्ति ने उसे प्रशिक्षण में अधिकारी जैसा आत्मविश्वास दिखाने के उद्देश्य से पद का नाम बोलने को कहा था। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित भी होने लगा था।
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आरटीआई से उजागर हुआ फर्जीवाड़ा
तृप्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर विवाह किया था। विवाह के बाद जब ससुर को आशंका हुई तो उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी से आरटीआई से सूचना मांगी। वहां से मिले उत्तर से उसका आईएएस होने का दावा फर्जी निकला। पुलिस ने आरोपी के ठिकानों से शासकीय लेटरहेड, फर्जी पहचान पत्र, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज, प्रशिक्षु आईएएस लिखे स्मृति चिह्न और भारत सरकार लिखी कार बरामद की है।
 
डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की जांच
ससुराल से मिली प्रशिक्षण किट और मसूरी प्रशिक्षण से जुड़ी तस्वीरों को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है। तृप्ति ने कथित तौर पर आईएएस बनकर विधानसभा परिसर जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि पुलिस जांच दल मोबाइल, डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेज की जानकारी जुटा रहा है। मामले में डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का पूरा हिसाब जोड़ा जा रहा है और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की कड़ियां मिलाकर पड़ताल जारी है।

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