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यूपी: बसपा में आसान नहीं होगी ईशान आनंद की राह, पार्टी में जड़ें जमा चुके आकाश की जगह लेना होगा चुनौती
Thu, 24 Sep 2026 09:06 PM IST
रोहित मिश्र
अशोक मिश्र, अमर उजाला लखनऊ
अशोक मिश्र, अमर उजाला लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 24 Sep 2026 09:06 PM IST
सार
Ishaan Anand: आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद के हाथों पार्टी की कमान है। अब उनके सामने चुनौती पार्टी को एकजुट रखना चुनौती है।
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मायावती ने भतीजे ईशान आनंद को बनाया राष्ट्रीय संयोजक।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक बनाए गए ईशान आनंद के सामने अब संगठन को एकजुट रखने के साथ उसका विस्तार करने की चुनौती है। फिलहाल उन्हें यूपी और उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों की जिम्मेदारी संभालनी है, लेकिन अगले वर्ष यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के चुनाव में पार्टी उन्हें जेन-जी के चेहरे के रूप में पेश कर सकती है। इससे पार्टी को युवाओं का समर्थन भी मिल सकता है।
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दरअसल, बसपा से आकाश आनंद के बाहर होने के बाद उनके समर्थकों में मायूसी है। उनको हटाने के फैसले के बाद कई पदाधिकरियों, कार्यकर्ताओं ने पार्टी से मुंह भी मोड़ लिया था। अब ईशान को फिर से उन्हें पार्टी के साथ जोड़ना है ताकि चुनावी मुहिम पर इसका असर न पड़े। वहीं दूसरी ओर ताजपोशी के बाद ईशान को परिवार के भीतर असंतोष का सामना भी करना पड़ सकता है। हालांकि आकाश आनंद ने बसपा सुप्रीमो मायावती के फैसले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और अपने सियासी भविष्य को लेकर भी कोई संकेत नहीं दिया है। इन हालात में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजरें आकाश और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के अगले कदम पर टिकी हैं।
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आसान नहीं आगे की राह
जानकारों की मानें तो ईशान के लिए आगे की राह आसान नहीं है। बीते दिनों पार्टी में हुए घटनाक्रम के बाद कुछ राष्ट्रीय पदाधिकारियों को इसका जिम्मेदार बताया जा रहा था। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि वह ईशान की राह में रोड़ा बन सकते हैं। हालांकि बसपा सुप्रीमो मायावती का राजनीतिक अनुभव ईशान को मिलेगा, जिससे वह अधिक मजबूत होकर सियासत में अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।
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