लखनऊ। दारुल उलूम नदवतुल उलमा के प्रिंसिपल मौलाना डॉ. सईदुर्रहमान आजमी नदवी को बृहस्पतिवार को हजारों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। नदवा परिसर के मैदान में सुबह आठ बजे नमाज-ए-जनाजा हुई। नदवा के नाजिम मौलाना सैयद बिलाल हसनी नदवी ने नमाज पढ़ाई। इसके बाद जनाजा डालीगंज स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
जनाजे में प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, पटना और भोपाल से भी लोग पहुंचे। भोपाल से काजी मुश्ताक अली नदवी, बाराबंकी से मौलाना शरीफ, मौलाना सज्जाद नोमानी नदवी, आजमगढ़ से मौलाना उमर सिद्दीकी नदवी, मौलाना आमिर राशिद, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. सैयद वसीम अख्तर और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी समेत बड़ी संख्या में उलेमा, शिक्षाविद, राजनैतिक संगठनों से जुड़े लोग और उनके शिष्य शामिल हुए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने भी उनके निधन पर शोक जताया। जनाजे में उमड़ी भीड़ के कारण नदवा से डालीगंज कब्रिस्तान तक यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती करनी पड़ी।

मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी के निधन पर डालीगंज कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार के लिए नदवे में नम