फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Seeing God is possible but meeting boss isnt tales of  holiday on paan masala tin and an amazing duo

सुना है क्या: भगवान के दर्शन संभव हैं, साहब के नहीं, पान मसाला देने से मिली छुट्टी और कमाल की जोड़ी के किस्से

Fri, 25 Sep 2026 10:16 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Fri, 25 Sep 2026 10:16 AM IST
सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...

विज्ञापन
Seeing God is possible but meeting boss isnt tales of  holiday on paan masala tin and an amazing duo
सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'भगवान के दर्शन संभव हैं, साहब के...' की कहानी। इसके अलावा 'पान मसाला के डिब्बे पर मिल रही छुट्टी' और 'कमाल की जोड़ी' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...

विज्ञापन

भगवान के दर्शन संभव हैं, साहब के...

प्रदेश में सड़क, नाली,खड़ंजा से लेकर बड़ी बड़ी योजनाओं का खाका खींचने वाले अति महत्वपूर्ण महकमे पर काबिज साहब के दर्शन दुर्लभ हैं। सुबह से रात तक भीषण मीटिंग का ऐसा दौर चलता है कि साहब को पानी तक पीने की फुर्सत नहीं मिलती...ऐसा उनके मातहतों का कहना है। सूबे के किसी आम नागरिक को कोई काम हो तो उनके मातहतों का एक जवाब मिलता है- सर मीटिंग में हैं। कब आ जाएं? जवाब मिलता है- पता नहीं। थक हारकर ‘आम’ आदमी यही कह रहा है कि भगवान के दर्शन की तो आस है लेकिन साहब की नहीं।

विज्ञापन

पान मसाला के डिब्बे पर मिल रही छुट्टी

प्रदेश के एक प्रमुख राजकीय तकनीकी संस्थान के हाल बड़े अजीब हैं। यहां आए दिन किसी न किसी मुद्दे पर एक-दूसरे के खिलाफ तलवारें खिचीं रहती हैं। कभी शिक्षक तो कभी अधिकारी आमने-सामने होते हैं। अब कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि यहां के छोटे साहब बिना पान मसाला का डिब्बा लिए किसी भी कर्मचारी, यहां तक की गार्डों की भी छुट्टी मंजूर नहीं करते हैं। इससे वे काफी परेशान हैं और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुका है। अब देखना है कि इस पर रोक लग पाती है या नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कमाल की जोड़ी

प्रदेश की एक बड़ी खेल एसोसिएशन में पति-पत्नी की जोड़ी का जलवा लंबे समय से चर्चा में है। बताया जाता है कि दोनों अदल-बदलकर एसोसिएशन के महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। बात अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की हो तो जोड़ी फिर साथ नजर आती है... हाल में पति कोच तो पत्नी सहायक कोच बनकर टीम के साथ गईं। एसोसिएशन से कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी सपोर्ट स्टाफ के रूप में जा चुके हैं। चर्चा है कि ऐसे में वास्तव में पात्र लोगों के लिए मौके सीमित हो जाते हैं। खेल का मैदान हो या विदेश दौरा, जोड़ी ऐसी कि जिम्मेदारी भी साझा और मौका भी साझा... बाकियों की बारी बस इंतजार में!

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed