ख़ामोशी का हमसफ़र
कुछ ख़ामोश लम्हे
सिर्फ़ ख़ामोश नहीं होते,
वे दिल की तहों में उतरकर
उम्र भर की रौशनी छोड़ जाते हैं।
उनकी ख़ामोशी
जो कह जाती है,
उसे बयान करने की
ताक़त लफ़्ज़ों म...और पढ़ें
कुछ एहसास,
कुछ आँसू और कुछ
अधूरी इंसानियत।
कुछ करने की ख़ातिर,
कुछ होना ज़रूरी है,
कुछ बनने की ख़ातिर,
ख़ुद में कुछ खोना ज़रूरी है।
कुछ होने के लिए,
कुछ सहना ज़रूरी है,
और कमबख़्त…
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समीप रहने का भाव मोहब्बत की अभिलाषा।
उन्हीं लोगों से 'उपदेश' एकान्त पराजित होता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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एकान्त जिनकी विवशता नही स्वभाव होता।
मौन पसन्द को अक्सर चंचल से प्यार होता।।
समीप रहने का भाव मोहब्बत की अभिलाषा।
उन्हीं लोगों से जगत में एकान्त पराजित होता।।
किसी का मौन पुकारता उसी को सुनाई देता।
य...और पढ़ें
कभी डर जनता में रहा आज सत्ता डरी।
लाठियां उठाई गई मगर जनता ना डरी।।
शांति आंदोलन में इतना बल किस लिए।
जवान पर हिंसा हुई मगर जनता ना डरी।।
हँसते हँसते सह लिया मगर हौसला रखा।
धुँआ बढ़ता गया फिर भी जनता...और पढ़ें
मोहब्बत के सिवाय सब कुछ मिला दुनिया से।
सही बताता 'उपदेश' फिर भी उनका ख्याल है।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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तन्हाई चीखती शायद ना मिलने का मलाल है।
वक्त कैसे भी गुजर जाता यही उसका कमाल है।।
रहा हौसला बुलन्द सारी तकलीफों के बाद भी।
सन्देशा आता नही मेरे महबूब का क्या हाल है।।
मददगार जानबूझ कर हारता नुकसान सहता।...और पढ़ें
बदलते समय के साथ ज़िंदगी भी बदल गई,
रंग तो बदलते थे, अब स्याही भी बदल गई।
कभी पढ़ते थे जो राग, उनकी रुमानी बदल गई,
पन्ने तो बदलते थे, अब कहानी भी बदल गई।
बदलते समय के साथ ज़िंदगी भी बदल गई,
पन्ने तो बदलते थे...और पढ़ें
मै खुशबू बन साथ में तेरे, हर पल रहना चाहता हूँ,
तू थोड़ा-सा साथ दे मेरा, मैं भी जीना चाहता हूँ।
तेरे जीवन के हर पहलू में, अपनी जगह बनाना है,
तेरी हँसी में हँसना मुझको, तेरे ग़म में आँसू बहाना है।
मैं पुष्प...और पढ़ें