संसार को छोड़ चुका हूँ,
हवाएं मेरी साथी हैं,
किसी से उम्मीद नहीं, बस थोड़ी सी उम्मीद, इस ज़िंदगी में बाकी है।
अपना पराया त्याग कर, मैं अपने साथ चल दिया हूँ, अपनी खोज में निकला हूँ,
क्योंकि ज़िंदगी में, मैं अब भी बाकी हूँ।
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