जम्मू-कश्मीर: रजोरी में सेना ने नागरिकों को दी सिविल डिफेंस ट्रेनिंग, जानें क्या बोलीं डीआईजी
नागरिक सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत और आधुनिक बनाने के दृष्टिकोण के तहत भारतीय सेना ने 'अपनी सेना के साथ प्रशिक्षण' पहल का आयोजन किया। यह तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण "सशक्त नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र" थीम पर आधारित था।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के रजोरी में सरकार के नागरिक सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत और आधुनिक बनाने की दृष्टि के अनुरूप, भारतीय सेना ने 'अपनी सेना के साथ प्रशिक्षण' पहल का आयोजन किया। यह तीन दिवसीय आवासीय कार्यक्रम "सशक्त नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र" विषय के तहत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य नागरिकों को आपात स्थितियों के लिए तैयार करना है।
रजोरी डीआईजी अनीता शर्मा ने बताया कि वर्तमान वैश्विक स्थिति, जिसमें युद्ध और विभिन्न अनिश्चितताएं शामिल हैं, नागरिकों को बुनियादी जीवन रक्षक कौशल से लैस करना हमारा कर्तव्य बनाती है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब सेना इस पहल में शामिल हुई है। सेना ने नागरिकों को जीवन रक्षक कौशल का प्रशिक्षण दिया है। साथ ही, आधुनिक युद्ध की प्रकृति के बारे में भी जानकारी प्रदान की है।
#WATCH | Rajouri, Jammu and Kashmir | Rajouri DIG Anita Sharma says, "As you are all aware, the current global situation, marked by ongoing wars and various uncertainties, makes it our duty to prepare civilians by equipping them with basic life-saving skills. For the first time, the Army has been involved in this initiative; they have trained civilians in life-saving skills and provided insights into the nature of modern warfare. The training focuses on personal, societal, and community safety, ensuring that these Civil Defence volunteers are well-prepared. Upon returning to their respective localities and neighbourhoods, they will be able to train others, thereby ensuring that we are ready to face any emergency that may arise in the future... It also addresses modern-day challenges, such as cybercrime, ensuring that participants are well-informed and prepared..."
— ANI (@ANI) October 20, 2026
प्रशिक्षण व्यक्तिगत, सामाजिक और सामुदायिक सुरक्षा पर केंद्रित है। यह सुनिश्चित करता है कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक अच्छी तरह से तैयार हों। इस प्रशिक्षण में साइबर अपराध जैसी आधुनिक चुनौतियों को भी शामिल किया गया। इसका लक्ष्य प्रतिभागियों को अच्छी तरह से सूचित और तैयार करना है।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, ये स्वयंसेवक अपने-अपने इलाकों और पड़ोस में दूसरों को प्रशिक्षित कर सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि हम भविष्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। यह पहल नागरिकों को सशक्त बनाकर राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान देगी।