फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   union-home-minister-amit-shah-chairs-28th-western-zonal-council-meeting-in-goa

क्षेत्रीय परिषद: 1893 मुद्दों पर चर्चा के बाद सुलझे 1445, अगले दो साल में गृह मंत्रालय का तटीय सुरक्षा पर फोकस

Mon, 07 Sep 2026 05:38 PM IST
देवेश त्रिपाठी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, पणजी
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, पणजी Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Mon, 07 Sep 2026 05:38 PM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पणजी में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र को देश का प्रमुख आर्थिक, औद्योगिक और वित्तीय केंद्र बताते हुए इसे आर्थिक विकास का ‘वेस्ट इंजन’ कहा। शाह ने कहा कि 2014 के बाद क्षेत्रीय परिषदों और स्थायी समितियों की बैठकों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और बड़ी संख्या में मुद्दों का समाधान हुआ। 

विज्ञापन
union-home-minister-amit-shah-chairs-28th-western-zonal-council-meeting-in-goa
पणजी में क्षेत्रीय परिषद की बैठक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा की राजधानी पणजी में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। शाह ने कहा, उन्नत पर्यटन, उच्च प्रति व्यक्ति आय और खदानों के कारण आर्थिक विकास में अपनी भौगोलिक स्थिति से कहीं अधिक योगदान गोवा का है।
विज्ञापन


हाल ही में देश ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की विकास वृद्धि दर दर्ज की है। वैश्विक अशांति के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था द्वारा इस प्रकार की विकास दर दर्ज करना हम सबके लिए गौरव का विषय है। पश्चिमी क्षेत्र कई दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह क्षेत्र देश का सबसे बड़ा आर्थिक, औद्योगिक और वित्तीय केंद्र है। 
विज्ञापन


मुद्दों को सुलझाने के लिए करीब तीन गुना ज्यादा बैठकें
गृह मंत्री ने कहा, 2014 के बाद से क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2004 से 2014 के दौरान क्षेत्रीय परिषदों और इनकी स्थायी समितियों की बैठकों की कुल संख्या मात्र 25 थी, लेकिन वर्ष 2014 से अबतक क्षेत्रीय परिषदों और इनकी स्थायी समितियों की कुल 71 बैठकें हुई हैं। यह वृद्धि लगभग तीन गुना है। इन बैठकों में 1893 मुद्दों पर चर्चा हुई और उनमें से 1445 मुद्दों का समाधान हुआ है। यह परिणाम इन बैठकों की कार्यात्मकता और प्रभावशीलता का द्योतक है। यह सभी राज्य सरकारों, संघ राज्यक्षेत्रों  तथा केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के सहयोग से हो सका है। इसमें अंतर-राज्य परिषद सचिवालय सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दमन दीव दादरा और नगर हवेली व पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के तीनों राज्यों का भी 7.8 प्रतिशत की विकास दर को हासिल करने में बहुत बड़ा योगदान है। पश्चिमी क्षेत्र को देश के आर्थिक विकास के वेस्ट इंजन के रूप में जाना जाता है। डब्लू से वेल्थ और फाइनेंस इसी क्षेत्र से सृजित होते हैं। ई से एक्सपोर्ट और पोर्ट, एस से स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर, टी से टूरिज्म और ब्लू इकोनॉमी में देश में सबसे बड़ा हिस्सा पश्चिमी क्षेत्र का है। 

गोवा में 1 करोड़ से अधिक टूरिस्ट आते हैं और उनमें 5 लाख विदेशी टूरिस्ट होते हैं। गोवा की जीएसडीपी में 16 प्रतिशत आय पर्यटन क्षेत्र से आती है। महाराष्ट्र 33,872 स्टार्ट अप के साथ देश में पहले स्थान पर है, धोलेरा अब सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में हब बन चुका है। गुजरात का मुंदरा पोर्ट सबसे अधिक कार्गो हैंडल करता है और दीन दयाल पोर्ट कार्गो की मात्रा की दृष्टि से सबसे बड़ा पोर्ट है। देश की वित्तीय राजधानी मुंबई भी वैश्विक पूंजी के लिए बहुत बड़ा हब बनकर उभर रही है।

पश्चिमी क्षेत्रों के राज्यों के बीच नहीं बचा कोई विवाद : अमित शाह
क्षेत्रीय परिषद अब विवाद सुलझाने की जगह जनकल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग का साधन बन गई है। शाह ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच अब कोई भी विवाद नहीं बचा है, यह एक बड़ी उपलब्धि है। मौजूदा बैठक में शामिल सभी मुद्दे म़ॉनीटरिंग के थे। राज्यों के बीच नदियों के कई विवाद भी क्षेत्रीय परिषद में हल किए गए हैं, बच्चों के कुपोषण, कम वज़न और ठिंगनापन पर भी हम क्षेत्रीय परिषदों में काम कर रहे हैं। अगले दो साल में गृह मंत्रालय तटीय सुरक्षा के लिए बहुत गंभीरता से आगे आएगा। ग्रीन ऊर्जा में भी पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के चारों राज्य भारत का नेतृत्व कर रहे हैं। भारत सरकार ने डेटा सेंटर के लिए एक बहुत ल्यूक्रेटिव पॉलिसी बनाई है, इसका अधिकतम फायदा उठाएं। 

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषदें विकास और जनकल्याण के कामों में आगे बढ़ रही हैं। पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 28वीं बैठक में सदस्य राज्यों के साथ-साथ देश के लिए भी कई अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ दुष्कर्म के मामलों की त्वरित जांच और इसके शीघ्र निपटान के लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों का कार्यान्वयन, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली से सम्बंधित मुद्दे (ईआरएसएस-112), खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित मुद्दा, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा प्रत्येक गांव के नियत दायरे में ब्रिक-एण्ड-मोर्टार बैंकिंग की सुविधा, रेल विकास परियोजना से सम्बंधित मुद्दा, पर्यावरण मंजूरी के मुद्दे आदि शामिल थे|

बैठक में कौन-कौन से मुद्दों की हुई चर्चा?
इसके अलावा बैठक में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें शहरी मास्टर प्लानिंग, विद्युत प्रदाय व्यवस्था से सम्बंधित मुद्दा, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को मजबूत करना, पोषण अभियान के माध्यम से बच्चों में कुपोषण को दूर करना, स्कूली बच्चों की स्कूल छोड़ने की दर को कम करना, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सार्वजनिक अस्पतालों की भागीदारी; साइबर अपराध और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित मुद्दे आदि शामिल थे। बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल के. पटेल शामिल थे। 

गृह मंत्री शाह ने गोवा पुलिस को प्रदान किया 'प्रेसिडेंट कलर'
केंद्रीय गृह मंत्री ने सोमवार को गोवा की राजधानी पणजी में गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट कलर प्रदान किया। शाह ने कहा कि गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान करना उनके लिए गर्व का विषय है। आठ दशकों की गौरवशाली सेवा के बाद गोवा पुलिस, राष्ट्रपति द्वारा दिए गए इस निशान के साथ देश के कई अन्य पुलिस बलों की कतार में खड़ी है। गोवा छोटा, किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। गोवा पुलिस को सुरक्षित शहर, सुरक्षित समुदाय और सुरक्षित समुद्री सीमा का दायित्व मिला है। राज्य गठन के बाद गोवा पुलिस ने इन तीनों दायित्वों को सफलतापूर्वक निभाया है। 

अमित शाह ने कहा कि विकसित राष्ट्र की पहली शर्त है कि उसकी आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि गोवा को आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ सीमा सुरक्षा का दायित्व निभाने का भी गौरव प्राप्त है। गोवा की लंबी समुद्री सीमा की रक्षा का भार गोवा पुलिस के कंधों पर है। इस दायित्व को कुशलतापूर्वक निभाते हुए गोवा पुलिस ने पर्यटकों की सुरक्षा और मजबूत अर्थव्यवस्था में योगदान करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की कूटनीति आज विश्व मंच पर अपना स्पष्ट स्थान बना सकी है। विश्व की कोई भी बड़ी समस्या हो, अब यह देखा जाता है कि भारत के प्रधानमंत्री का उस पर क्या दृष्टिकोण है। 

गोवा पुलिस ने इस मामले में एक कदम आगे बढ़ाते हुए 1930 हेल्पलाइन के लिए एआई आधारित कॉल एजेंट शुरू किया है। इस कार्य में गोवा पुलिस देश के अन्य राज्यों से आगे है। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन कोंकणी, मराठी और हिंदी में शिकायत दर्ज करेगी। साथ ही, यह सेवा देश की अन्य भाषाओं में भी शिकायत दर्ज कर उसे उचित स्थान तक पहुंचाएगी। गोवा में देश और दुनिया से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने अपने विज़न का परिचय देते हुए इस एआई एजेंट को केवल कोंकणी और मराठी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि संविधान की आठवीं अनुसूची की सभी भाषाओं को इसमें शामिल किया है। यह पर्यटकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है। गोवा की लंबी तटरेखा और यहाँ की 15 लाख से अधिक आबादी को देखते हुए पुलिस का चुस्त-दुरुस्त रहना अत्यंत आवश्यक है। खेल ऐसे सशक्त माध्यम हैं, जो पुलिस को शारीरिक रूप से सक्षम और सतर्क बनाए रख सकते हैं। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आठ दशकों में शांति, सेवा और न्याय का आपका संकल्प और सूत्रवाक्य गोवा को सुरक्षित बनाने का काम करता रहा है। गोवा की जनता के साथ-साथ पूरे देश में गोवा पुलिस की सराहना होती रही है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवा 112 में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम पहले 18 मिनट था, जो अब घट कर सिर्फ 8 मिनट रह गया है। सेवा के क्षेत्र में यह बहुत बड़ा सुधार है। उन्होंने कहा कि लगभग 20,000 कॉल पर त्वरित सहायता दी गई है और विश्वास है कि वाहन तथा दोपहिया साधन जोड़ने पर यह समय 6 मिनट से भी कम हो जाएगा। गोवा की टूरिस्ट पुलिस विंग उन राज्यों के लिए आदर्श बन सकती है, जहां पर्यटन अधिक है। 

गोवा पुलिस कई महीनों तक देशभर में नई न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन में प्रथम रही है। वर्तमान में 93.38 प्रतिशत की प्रगति के साथ वह पूरे भारत में दूसरे स्थान पर है। सभी नौ मानकों पर गोवा पुलिस का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। मात्र एक वर्ष में गोवा पुलिस ने सजा दिलाने की दर में 30 प्रतिशत की वृद्धि की है। पहले यह दर 23 प्रतिशत थी; अब 53 प्रतिशत एफआईआर में सजा दिलाई जा रही है, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गोवा पुलिस नारकोटिक्स नियंत्रण में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, केन्द्रीय मंत्री नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक, केन्द्रीय गृह सचिव, गोवा के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed