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Hindi News ›   India News ›   INDIA Bloc Rally: Delhi Trade Suffers Rs 11000 Crore Loss, 80% Shops Remain Closed, Claims CTI

विपक्ष की रैली से व्यापारियों को झटका: सीटीआई का दावा- 80 फीसदी दुकानें रहीं बंद, ₹11 हजार करोड़ का हुआ नुकसान

Sun, 01 Nov 2026 08:48 PM IST
शिवम गर्ग आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 01 Nov 2026 08:48 PM IST
सार

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के बाद व्यापारिक संगठन CTI ने 11 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया है। करीब 2.5 लाख दुकानें बंद रहने और सप्लाई चेन प्रभावित होने की बात कही गई है। दिवाली से पहले व्यापारियों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा? जानिए...

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INDIA Bloc Rally: Delhi Trade Suffers Rs 11000 Crore Loss, 80% Shops Remain Closed, Claims CTI
विपक्ष की रैली से 80% दुकानें बंद रहने का दावा। - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली का असर राजधानी के कारोबार पर भी देखने को मिला। व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दावा किया है कि रैली के कारण दिल्ली के व्यापार को करीब 11,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। संगठन के मुताबिक, रैली वाले दिन राजधानी के करीब 80 प्रतिशत बाजारों की दुकानें बंद रहीं। इससे दिवाली से पहले खरीदारी और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।

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सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि रैली से पहले करीब 10 लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई गई थी। इसके लिए 15 से 20 हजार वाहनों के दिल्ली पहुंचने का अनुमान था। इसी वजह से राजधानी में कई दिनों से ट्रैफिक प्रतिबंधों और आवाजाही को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। इसका सीधा असर बाजारों और कारोबार पर पड़ा।
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2.5 लाख दुकानें बंद रहने का दावा
समाचार एजेंसी से बातचीत में बृजेश गोयल ने बताया कि सामान्य दिनों में दिल्ली के बाजारों में खरीदारी और कारोबार के लिए रोजाना 3 से 4 लाख लोग बाहर से आते हैं। हालांकि, रैली वाले दिन ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान के आसपास के 22 से 25 प्रमुख बाजारों में करीब 3 लाख दुकानें हैं। बाजार संघों से मिली जानकारी के आधार पर अनुमान है कि शाम तक लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं। यह कुल दुकानों का करीब 80 प्रतिशत है। जो दुकानें खुली थीं, वहां भी कारोबार बेहद कम हुआ।
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राहुल गांधी को चार बार लिखा था पत्र

  • बृजेश गोयल ने बताया कि सीटीआई ने रैली से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चार बार पत्र लिखकर कार्यक्रम स्थगित करने की अपील की थी।
  • करीब 100 प्रमुख बाजार संगठनों ने भी इस संबंध में मांग उठाई थी।
  • उन्होंने कहा कि व्यापारियों की इस मांग के पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं था।
  • व्यापारी केवल दिवाली के सीजन में अपनी आजीविका और कारोबार को सुरक्षित रखना चाहते थे।
  • गोयल ने राहुल गांधी की उस अपील का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने रैली में शामिल लोगों से दिल्ली के बाजारों में खरीदारी कर व्यापारियों की मदद करने को कहा था।

ट्रकों की आवाजाही प्रभावित, गोदामों में अटका सामान
सीटीआई के मुताबिक, रैली का असर केवल बाजारों तक सीमित नहीं रहा। रामलीला मैदान के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में माल ढुलाई और परिवहन गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। कई जगहों पर माल की लोडिंग और अनलोडिंग का काम लगभग ठप रहा।


 

बृजेश गोयल ने बताया कि दिल्ली के नरेला, बवाना, ओखला, मायापुरी, मुंडका और उद्योग नगर समेत 56 औद्योगिक क्षेत्रों से रोजाना करीब 5,000 ट्रक और टेंपो माल लेकर बाजारों तक पहुंचते हैं। लेकिन रैली के दिन सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण धनतेरस और दिवाली के लिए तैयार किया गया सामान गोदामों में ही अटका रहा।


दिवाली से पहले व्यापारियों की बढ़ी चिंता
व्यापारियों का कहना है कि धनतेरस और दिवाली से पहले का समय साल का सबसे अहम कारोबारी सीजन होता है। इस दौरान बाजारों में बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं और कारोबार में तेजी आती है। ऐसे में यातायात प्रतिबंधों और माल की आवाजाही प्रभावित होने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। 

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