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Sirmour News: रोई ना जो याद तेरी आई और माही वे मोहब्बतां सच्चाइयां वे...से बांधा समां
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राज्य स्तरीय यमुना शरद महोत्सव कार्यक्रम की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों का उत्साहवर्धन
पंजाबी गायक निंजा के गीतों पर देर रात तक खूब झूमे दर्शक
रघुवीर ठाकुर और दलजीत सिंह ने भी बिखेरा पहाड़ी गीतों का जादू
यमुना शरद महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान रहे मुख्य अतिथि, स्मारिका का किया विमोचन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। यमुना शरद महोत्सव की तीसरी और अंतिम सांस्कृतिक संध्या पंजाबी गायक निंजा के नाम रही। उनके लोकप्रिय गीतों पर पंडाल में मौजूद दर्शक देर रात तक झूमते रहे। निंजा ने रोई ना जो याद तेरी आई और माही वे मोहब्बतां सच्चाइयां वे सहित कई पंजाबी गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर युवाओं को नाचने पर मजबूर कर दिया। वहीं, लोक गायक रघुवीर ठाकुर और हिमाचली कलाकार दलजीत सिंह ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान मुख्यातिथि रहे। उन्होंने मां यमुना घाट पर पूजन और यमुना आरती में भाग लेने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान महोत्सव की यादों को संजोने के उद्देश्य से प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण पंजाबी गायक निंजा रहे। मंच पर आते ही उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों से माहौल को संगीतमय बना दिया। ‘रोई ना जो याद तेरी आई’ और ‘तेरी आदत पे गई आं’ जैसे गीतों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं और युवा संगीत की धुनों पर थिरकते नजर आए। निंजा ने ‘माही वे मोहब्बतां सच्चाइयां वे’ सहित अन्य पंजाबी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।
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इसके अलावा लोक गायक रघुवीर ठाकुर ने ‘मेरा है सिरमौर बड़ा प्यारा’ और ‘मामा मोर सिंह रे’ जैसे पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर स्थानीय लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। हिमाचली कलाकार दलजीत सिंह ने भी अपनी आवाज से दर्शकों का मन मोह लिया। स्थानीय और हिमाचली कलाकारों की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाया।
इससे पहले उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यमुना घाट पर आयोजित यमुना आरती में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल ने टोपी, शॉल और स्मृति चिह्न भेंटकर मुख्यातिथि को सम्मानित किया।
इस अवसर पर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि पांवटा साहिब धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यमुना नदी के किनारे बसे इस शहर का गुरु गोबिंद सिंह जी से गहरा ऐतिहासिक संबंध है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के साथ उत्तराखंड और हरियाणा की सीमा से सटे होने के कारण पांवटा साहिब में विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति और परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलता है। मेले और त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और लोक संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। उद्योग मंत्री ने कहा कि अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी परंपराओं पर गर्व कर सकें।
इस दौरान एसडीएम कांगड़ा अंजलि गर्ग, एएसपी सिरमौर नरेंद्र कुमार, निदेशक जोगिंद्रा बैंक असगर अली, निदेशक एचपी एसआईडीसी रमेश देसाईक, निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति निगम नसीमा बेगम, अध्यक्ष हिमोत्कर्ष राजेंद्र तिवारी, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पांवटा हरप्रीत सिंह रतन, शिलाई ब्लॉक से कल्याण धामटा, नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर, उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मीक्का, अश्विनी शर्मा, अवनीत सिंह लांबा, तपेंद्र सैनी, ओएसडी अत्तर राणा, महाप्रबंधक उद्योग रचित शर्मा, तहसीलदार मस्त राम शर्मा और ईओएमसी कंचन बाला सहित नगर परिषद के पार्षद तथा अन्य गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।-- -
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रघुवीर ठाकुर और दलजीत सिंह ने भी बिखेरा पहाड़ी गीतों का जादू
यमुना शरद महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान रहे मुख्य अतिथि, स्मारिका का किया विमोचन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। यमुना शरद महोत्सव की तीसरी और अंतिम सांस्कृतिक संध्या पंजाबी गायक निंजा के नाम रही। उनके लोकप्रिय गीतों पर पंडाल में मौजूद दर्शक देर रात तक झूमते रहे। निंजा ने रोई ना जो याद तेरी आई और माही वे मोहब्बतां सच्चाइयां वे सहित कई पंजाबी गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर युवाओं को नाचने पर मजबूर कर दिया। वहीं, लोक गायक रघुवीर ठाकुर और हिमाचली कलाकार दलजीत सिंह ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान मुख्यातिथि रहे। उन्होंने मां यमुना घाट पर पूजन और यमुना आरती में भाग लेने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान महोत्सव की यादों को संजोने के उद्देश्य से प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
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सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण पंजाबी गायक निंजा रहे। मंच पर आते ही उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों से माहौल को संगीतमय बना दिया। ‘रोई ना जो याद तेरी आई’ और ‘तेरी आदत पे गई आं’ जैसे गीतों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं और युवा संगीत की धुनों पर थिरकते नजर आए। निंजा ने ‘माही वे मोहब्बतां सच्चाइयां वे’ सहित अन्य पंजाबी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।
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इसके अलावा लोक गायक रघुवीर ठाकुर ने ‘मेरा है सिरमौर बड़ा प्यारा’ और ‘मामा मोर सिंह रे’ जैसे पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर स्थानीय लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। हिमाचली कलाकार दलजीत सिंह ने भी अपनी आवाज से दर्शकों का मन मोह लिया। स्थानीय और हिमाचली कलाकारों की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाया।
इससे पहले उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यमुना घाट पर आयोजित यमुना आरती में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल ने टोपी, शॉल और स्मृति चिह्न भेंटकर मुख्यातिथि को सम्मानित किया।
इस अवसर पर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि पांवटा साहिब धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यमुना नदी के किनारे बसे इस शहर का गुरु गोबिंद सिंह जी से गहरा ऐतिहासिक संबंध है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के साथ उत्तराखंड और हरियाणा की सीमा से सटे होने के कारण पांवटा साहिब में विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति और परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलता है। मेले और त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और लोक संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। उद्योग मंत्री ने कहा कि अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी परंपराओं पर गर्व कर सकें।
इस दौरान एसडीएम कांगड़ा अंजलि गर्ग, एएसपी सिरमौर नरेंद्र कुमार, निदेशक जोगिंद्रा बैंक असगर अली, निदेशक एचपी एसआईडीसी रमेश देसाईक, निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति निगम नसीमा बेगम, अध्यक्ष हिमोत्कर्ष राजेंद्र तिवारी, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पांवटा हरप्रीत सिंह रतन, शिलाई ब्लॉक से कल्याण धामटा, नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर, उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मीक्का, अश्विनी शर्मा, अवनीत सिंह लांबा, तपेंद्र सैनी, ओएसडी अत्तर राणा, महाप्रबंधक उद्योग रचित शर्मा, तहसीलदार मस्त राम शर्मा और ईओएमसी कंचन बाला सहित नगर परिषद के पार्षद तथा अन्य गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

राज्य स्तरीय यमुना शरद महोत्सव कार्यक्रम की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों का उत्साहवर्धन

राज्य स्तरीय यमुना शरद महोत्सव कार्यक्रम की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों का उत्साहवर्धन